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डोप टेस्ट सर्टिफिकेट जाली, जांच शुरू
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:29 PM IST
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डोप टेस्ट के सर्टिफिकेट निकले फर्जी, जांच शुरू
सर्टिफिकेट पर चारों डाक्टरों के हस्ताक्षर पाए गए जाली
असलहा लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए हुए थे डोप टेस्ट
जिला प्रशासन ने की आरोपी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की तैयारी
अब तक हुए सभी डोप टेस्टों की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर। डोप टेस्ट सर्टिफिकेट की जांच में चारों डाक्टरों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। जिला प्रशासन आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। इन सर्टिफिकेट के बाद सभी डोप टेस्ट सर्टिफिकेट की जांच कराएं जाने का फैसला लिया गया है। अब तक हुई जांच में जिस तरह से सर्टिफिकेट में कोरम भरने के लिए मानकों का पालन किया गया है और चारों डाक्टरों की सही मोहरें लगाई गई है, उससे आशंका है कि इस फर्जीवाड़े के तार कहीं न कहीं सिविल अस्पताल से जुड़े हैं।
असलहा लाइसेंस रिन्यू करने के लिए डोप टेस्ट लिए गए थे। जब डीसी दफ्तर में डोप टेस्ट सर्टिफिकेट पहुंचे तो उनकी जांच-पड़ताल की गई। इसी दौरान एक डोप टेस्ट सर्टिफिकेट पर चारों डाक्टरों द्वारा किए हस्ताक्षर में अंतर पाया गया, जिसे अन्य रिपोर्टों से मिलान के बाद बाद डीसी को अवगत करवाया गया, जिसकी जांच के डीसी ने सिविल सर्जन को फाइल भेज दी। सिविल सर्जन द्वारा एसएमओ डॉ. प्रदीप अग्रवाल के नेतृत्व में एक कमेटी बनाकर जांच सौंपी गई, अब तक हुई जांच में यह खुलासा हुआ है कि सर्टिफिकेट में किए गए मनोविशेषज्ञ डॉ. रचना मित्तल, मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. जे.एस गोराया व दो अन्य डाक्टरों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। हालांकि उक्त सर्टिफिकेट को तैयार करने के लिए फार्म, डाक्टरों की मोहरें असली पाई गई है, यहीं नहीं सभी मानकों का पूरा अनुपालन भी किया गया है। ऐसे में जांच की दिशा अस्पताल के ही किसी कर्मी के इर्द-गिर्द घूम रही है। एसएमओ डा. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल अभी जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद ही स्थित स्पष्ट होगी।
सिविल सर्जन डॉ. गुरमिंदर सिंह बताया कि डीसी ऑफिस की ओर से जांच के लिए मिली डोप टेस्ट के सर्टिफिकेट की जांच चल रही है, अभी तक की जांच में डाक्टरों के हस्ताक्षर जाली पाए गए है, उन्होंने कहा कि जांच को सभी दृष्टिकोणों से आगे बढ़ाया जा रहा है, इसमें जो भी लोग दोषी होंगे उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ गुरमिंदर सिंह ने कहा कि उक्त घटना को देखते हुए अब तक हुए सभी डोप टेस्टो की जांच करवाए जाने का फैसला विभाग द्वारा लिया गया है।
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सर्टिफिकेट पर चारों डाक्टरों के हस्ताक्षर पाए गए जाली
असलहा लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए हुए थे डोप टेस्ट
जिला प्रशासन ने की आरोपी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करने की तैयारी
अब तक हुए सभी डोप टेस्टों की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर। डोप टेस्ट सर्टिफिकेट की जांच में चारों डाक्टरों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। जिला प्रशासन आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। इन सर्टिफिकेट के बाद सभी डोप टेस्ट सर्टिफिकेट की जांच कराएं जाने का फैसला लिया गया है। अब तक हुई जांच में जिस तरह से सर्टिफिकेट में कोरम भरने के लिए मानकों का पालन किया गया है और चारों डाक्टरों की सही मोहरें लगाई गई है, उससे आशंका है कि इस फर्जीवाड़े के तार कहीं न कहीं सिविल अस्पताल से जुड़े हैं।
असलहा लाइसेंस रिन्यू करने के लिए डोप टेस्ट लिए गए थे। जब डीसी दफ्तर में डोप टेस्ट सर्टिफिकेट पहुंचे तो उनकी जांच-पड़ताल की गई। इसी दौरान एक डोप टेस्ट सर्टिफिकेट पर चारों डाक्टरों द्वारा किए हस्ताक्षर में अंतर पाया गया, जिसे अन्य रिपोर्टों से मिलान के बाद बाद डीसी को अवगत करवाया गया, जिसकी जांच के डीसी ने सिविल सर्जन को फाइल भेज दी। सिविल सर्जन द्वारा एसएमओ डॉ. प्रदीप अग्रवाल के नेतृत्व में एक कमेटी बनाकर जांच सौंपी गई, अब तक हुई जांच में यह खुलासा हुआ है कि सर्टिफिकेट में किए गए मनोविशेषज्ञ डॉ. रचना मित्तल, मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. जे.एस गोराया व दो अन्य डाक्टरों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। हालांकि उक्त सर्टिफिकेट को तैयार करने के लिए फार्म, डाक्टरों की मोहरें असली पाई गई है, यहीं नहीं सभी मानकों का पूरा अनुपालन भी किया गया है। ऐसे में जांच की दिशा अस्पताल के ही किसी कर्मी के इर्द-गिर्द घूम रही है। एसएमओ डा. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल अभी जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद ही स्थित स्पष्ट होगी।
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सिविल सर्जन डॉ. गुरमिंदर सिंह बताया कि डीसी ऑफिस की ओर से जांच के लिए मिली डोप टेस्ट के सर्टिफिकेट की जांच चल रही है, अभी तक की जांच में डाक्टरों के हस्ताक्षर जाली पाए गए है, उन्होंने कहा कि जांच को सभी दृष्टिकोणों से आगे बढ़ाया जा रहा है, इसमें जो भी लोग दोषी होंगे उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ गुरमिंदर सिंह ने कहा कि उक्त घटना को देखते हुए अब तक हुए सभी डोप टेस्टो की जांच करवाए जाने का फैसला विभाग द्वारा लिया गया है।
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