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विवाहिता की मौत के मामले में पति को दस वर्ष कैद
Updated Mon, 29 Jan 2018 10:25 PM IST
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विवाहिता की मौत के मामले में पति को दस वर्ष कैद
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
जिला एवं सेशन जज किशोर कुमार की अदालत ने विवाहिता की मौत के मामले की सुनवाई करते हुए उसके पति को दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। ये मामला थाना सिटी पुलिस ने 27 सितंबर 2013 को दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में जलालाबाद रोड बाईपास निवासी मृतका की माता कुलविंदर कौर ने बताया था कि करीब नौ साल पहले उसके पति बलवंत सिंह की मौत हो चुकी है। उसके अनुसार 9 अगस्त 2013 को उसकी छोटी बेटी किरनदीप कौर का विवाह गोनियाना रोड निवासी मनमीत सिंह उर्फ मनी पुत्र नछत्तर सिंह के साथ हुआ था। उसके अनुसार उनको 26 सितंबर 2013 को सूचना मिली की उनकी बेटी की हालत गंभीर है तथा वह आदेश अस्पताल में भर्ती है। जब वह अस्पताल में पहुंची तो उसकी बेटी किरनदीप कौर की मौत हो चुकी थी। उसने आरोप लगाया था कि करीब पंद्रह दिन पहले उसका बेटा तथा किरनदीप का भाई सुखविंदर सिंह अपनी बहन से मिलने के लिए उसके ससुराल गया था। उस दौरान किरनदीप ने ससुरालियों द्वारा दहेज को लेकर उसे ताने मारने की बात कही थी। अपने ससुरालियों से तंग होकर ही उसने कुछ खाकर अपनी जीवन लीला खत्म कर ली है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सेशन जज किशोर कुमार की अदालत ने मनमीत सिंह उर्फ मनी पुत्र नछत्तर सिंह को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
जिला एवं सेशन जज किशोर कुमार की अदालत ने विवाहिता की मौत के मामले की सुनवाई करते हुए उसके पति को दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। ये मामला थाना सिटी पुलिस ने 27 सितंबर 2013 को दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में जलालाबाद रोड बाईपास निवासी मृतका की माता कुलविंदर कौर ने बताया था कि करीब नौ साल पहले उसके पति बलवंत सिंह की मौत हो चुकी है। उसके अनुसार 9 अगस्त 2013 को उसकी छोटी बेटी किरनदीप कौर का विवाह गोनियाना रोड निवासी मनमीत सिंह उर्फ मनी पुत्र नछत्तर सिंह के साथ हुआ था। उसके अनुसार उनको 26 सितंबर 2013 को सूचना मिली की उनकी बेटी की हालत गंभीर है तथा वह आदेश अस्पताल में भर्ती है। जब वह अस्पताल में पहुंची तो उसकी बेटी किरनदीप कौर की मौत हो चुकी थी। उसने आरोप लगाया था कि करीब पंद्रह दिन पहले उसका बेटा तथा किरनदीप का भाई सुखविंदर सिंह अपनी बहन से मिलने के लिए उसके ससुराल गया था। उस दौरान किरनदीप ने ससुरालियों द्वारा दहेज को लेकर उसे ताने मारने की बात कही थी। अपने ससुरालियों से तंग होकर ही उसने कुछ खाकर अपनी जीवन लीला खत्म कर ली है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सेशन जज किशोर कुमार की अदालत ने मनमीत सिंह उर्फ मनी पुत्र नछत्तर सिंह को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।