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निगम का फर्जी इंजीनियर बन कनाडा जाने की तैयारी में था युवक
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:38 PM IST
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निगम का फर्जी इंजीनियर बन कनाडा जाने की थी तैयारी
ज्वाइंट कमिश्नर ने जांच पड़ताल के बाद खोली मामले की पोल
कनाडा दूतावास ने इन्क्वायरी के लिए निगम को भेजी थी फाइल
युवक ने बनाया था निगम का फर्जी आई कार्ड और सैलरी स्लिप
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। एक युवक निगम का फर्जी इंजीनियर बनकर कनाडा जाने की तैयारी में था, लेकिन ज्वाइंट कमिश्नर राजीव वर्मा ने सारी जांच पड़ताल करने के बाद फर्जी इंजीनियर की पोल खोल कर रख दी। इस फर्जी इंजीनियर की पहचान संजीव कुमार पुत्र सतपाल निवासी नंदनपुर मकसूदां जिला जालंधर के रूप में हुई है, जो गलत ढंग से कनाडा जाने के सपने देख रहा था। इसके फर्जी बने आईकार्ड पर लिखा है कि वह निगम के ओ एंड एम शाखा का इंजीनियर है।
जानकारी के अनुसार संजीव कुमार नामक युवक ने कनाडा जाने के लिए अपनी फाइनल लगाई थी, जिसकी इन्क्वायरी कनाडा दूतावास ने निगम प्रशासन को भेजी थी। कारण था कि संजीव कुमार ने खुद का जालंधर म्यूनिसिपल कारपोरेशन का फर्जी आई कार्ड और 69 हजार 569 रुपये की फर्जी सैलरी स्लिप बनाई थी। फर्जी आई कार्ड पर लिखा था कि वह निगम की ओ एंड एम शाखा का इंजीनियर हैं। इसकी जांच ज्वाइंट कमिश्नर राजीव वर्मा के पास पहुंची तो उन्होंने इस फर्जीवाड़े की पोल खोली। ज्वाइंट कमिश्नर राजीव वर्मा ने इस मामले की जांच सुपरिंटेंडेंट उमा महेश्वर को सौंपी। उमा महेश्वर ने कहा कि संजीव कुमार नामक युवक के फर्जी आई कार्ड पर निगम के फर्जी ज्वाइंट कमिश्नर परमपाल सिंह भाटिया के हस्ताक्षर भी थे। इस पूरे मामले की जांच निगम पुलिस को सौंपी गई, जिन्होंने पुलिस कमिश्नर के पास इस मामले की शिकायत कर दी है। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर ने जांच पड़ताल के बाद खोली मामले की पोल
कनाडा दूतावास ने इन्क्वायरी के लिए निगम को भेजी थी फाइल
युवक ने बनाया था निगम का फर्जी आई कार्ड और सैलरी स्लिप
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। एक युवक निगम का फर्जी इंजीनियर बनकर कनाडा जाने की तैयारी में था, लेकिन ज्वाइंट कमिश्नर राजीव वर्मा ने सारी जांच पड़ताल करने के बाद फर्जी इंजीनियर की पोल खोल कर रख दी। इस फर्जी इंजीनियर की पहचान संजीव कुमार पुत्र सतपाल निवासी नंदनपुर मकसूदां जिला जालंधर के रूप में हुई है, जो गलत ढंग से कनाडा जाने के सपने देख रहा था। इसके फर्जी बने आईकार्ड पर लिखा है कि वह निगम के ओ एंड एम शाखा का इंजीनियर है।
जानकारी के अनुसार संजीव कुमार नामक युवक ने कनाडा जाने के लिए अपनी फाइनल लगाई थी, जिसकी इन्क्वायरी कनाडा दूतावास ने निगम प्रशासन को भेजी थी। कारण था कि संजीव कुमार ने खुद का जालंधर म्यूनिसिपल कारपोरेशन का फर्जी आई कार्ड और 69 हजार 569 रुपये की फर्जी सैलरी स्लिप बनाई थी। फर्जी आई कार्ड पर लिखा था कि वह निगम की ओ एंड एम शाखा का इंजीनियर हैं। इसकी जांच ज्वाइंट कमिश्नर राजीव वर्मा के पास पहुंची तो उन्होंने इस फर्जीवाड़े की पोल खोली। ज्वाइंट कमिश्नर राजीव वर्मा ने इस मामले की जांच सुपरिंटेंडेंट उमा महेश्वर को सौंपी। उमा महेश्वर ने कहा कि संजीव कुमार नामक युवक के फर्जी आई कार्ड पर निगम के फर्जी ज्वाइंट कमिश्नर परमपाल सिंह भाटिया के हस्ताक्षर भी थे। इस पूरे मामले की जांच निगम पुलिस को सौंपी गई, जिन्होंने पुलिस कमिश्नर के पास इस मामले की शिकायत कर दी है। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई हैं।
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