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बादल सरकार नेे किया करोड़ों का घपला : जाखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Fri, 15 Apr 2016 06:58 PM IST
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जालंधर में प्रेसवार्ता करते सुनील जाखड़।
- फोटो : अमर उजाला
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विधायक व विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता सुनील जाखड़ ने आरोेप लगाया है कि बादल सरकार ने अदानी, अंबानी और अग्रवाल के साथ मिलकर करोड़ों का घपला किया है। इसकी जांच कांग्रेस पार्टी सत्ता में आने पर सिटिंग जज से करवाएगी। सुनील जाखड़ शुक्रवार को श्री रामनवमी शोभायात्रा में शरीक होने के लिए आए थे।
पत्रकारों से खास बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 29 जून 2012 को सीएम प्रकाश सिंह बादल ने बिजली की खपत को पूरा करने के लिए अडानी, अंबानी और अग्रवाल की कंपनी के साथ तलवंडी साबो, राजपुरा, गोइंदवाल प्लांट लगाने के लिए समझौता किया था। समझौते के लिए उक्त पार्टियों के साथ एमओयू साइन किया था। उसमें लिखा था कि तलवंडी साबो में थर्मल प्लांट बनने पर वहां से पंजाब सरकार 2.36 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदेगी।
राजपुरा से 2.89 रुपये प्रति यूनिट, गोइंदलवाल से 2.60 रुपये प्रति यूनिट बिजली की खरीद करेगी। एमओयू में यह भी लिखा है कि कंपनियां समय सीमा में प्लांट तैयार नहीं करेगी तो कंपनियों को एक हजार करोड़ का मुआवजा देना होगा। जाखड़ ने कहा कि कंपनियों ने प्लांट लगाने में देरी कर दी है। पंजाब सरकार ने एक हजार करोड़ की पैनल्टी माफ कर दी है।
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उन्होंने कहा कि यह घपला 2015 और 2016 में सामने आ रहा है। बादल सरकार ने जो एमओयू साइन किया था, उससे विपरीत तीनों कंपनियों के साथ मिलकर इस साल तलवंडी साबो थर्मल प्लांट 6.66 रुपये प्रति यूनिट, राजपुरा से 4.05 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी। जबकि चालू वर्ष में राजपुरा से 4.25 रुपये, तलवंडी साबो से 7.50 प्रति यूनिट बिजली खरीदी गयी है।
घपला बिलकुल साफ नजर आ रहा है, दोनों थर्मल प्लांट एक ही समय में लगाए गए और दोनों में रेट में जमीन आसमान का अंतर है। तीनों थर्मल प्लांट गर्मियों में बिजली की खपत को पूरा करने के लिए लगाए हैं। बीते साल 30 सितंबर तक पंजाब सरकार उक्त कंपनियों को 6 हजार करोड़ अदा कर चुकी है।
इस चालू साल में पंजाब सरकार ने दोनोें थर्मल प्लांट को 2300 करोड़ अदा करने हैं। इनमें से 1700 करोड़ रुपये तलवंडी साबो प्लांट को देने हैं। यह प्लांट गर्मियों में चलाकर सर्दियों में बंद रहने थे। बंद थर्मल प्लांट पर करोड़ों रुपये सरकार को उक्त कंपनियों को अदा करने पड़े थे, लेकिन सरकार ने अपने सारे थर्मल प्लांट बंद कर दिए। अभी तक पंजाब सरकार उक्त कंपनियों से मिलकर हजारों करोड़ रुपये घपला कर चुकी है। उनके साथ फिरोजपुर से विधायक परमिंदर पिंकी, पूर्व विधायक जगबीर बराड़ और जिला प्रधान राजिंदर बेरी मौजूद थे।
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पत्रकारों से खास बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 29 जून 2012 को सीएम प्रकाश सिंह बादल ने बिजली की खपत को पूरा करने के लिए अडानी, अंबानी और अग्रवाल की कंपनी के साथ तलवंडी साबो, राजपुरा, गोइंदवाल प्लांट लगाने के लिए समझौता किया था। समझौते के लिए उक्त पार्टियों के साथ एमओयू साइन किया था। उसमें लिखा था कि तलवंडी साबो में थर्मल प्लांट बनने पर वहां से पंजाब सरकार 2.36 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदेगी।
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राजपुरा से 2.89 रुपये प्रति यूनिट, गोइंदलवाल से 2.60 रुपये प्रति यूनिट बिजली की खरीद करेगी। एमओयू में यह भी लिखा है कि कंपनियां समय सीमा में प्लांट तैयार नहीं करेगी तो कंपनियों को एक हजार करोड़ का मुआवजा देना होगा। जाखड़ ने कहा कि कंपनियों ने प्लांट लगाने में देरी कर दी है। पंजाब सरकार ने एक हजार करोड़ की पैनल्टी माफ कर दी है।
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उन्होंने कहा कि यह घपला 2015 और 2016 में सामने आ रहा है। बादल सरकार ने जो एमओयू साइन किया था, उससे विपरीत तीनों कंपनियों के साथ मिलकर इस साल तलवंडी साबो थर्मल प्लांट 6.66 रुपये प्रति यूनिट, राजपुरा से 4.05 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी। जबकि चालू वर्ष में राजपुरा से 4.25 रुपये, तलवंडी साबो से 7.50 प्रति यूनिट बिजली खरीदी गयी है।
घपला बिलकुल साफ नजर आ रहा है, दोनों थर्मल प्लांट एक ही समय में लगाए गए और दोनों में रेट में जमीन आसमान का अंतर है। तीनों थर्मल प्लांट गर्मियों में बिजली की खपत को पूरा करने के लिए लगाए हैं। बीते साल 30 सितंबर तक पंजाब सरकार उक्त कंपनियों को 6 हजार करोड़ अदा कर चुकी है।
इस चालू साल में पंजाब सरकार ने दोनोें थर्मल प्लांट को 2300 करोड़ अदा करने हैं। इनमें से 1700 करोड़ रुपये तलवंडी साबो प्लांट को देने हैं। यह प्लांट गर्मियों में चलाकर सर्दियों में बंद रहने थे। बंद थर्मल प्लांट पर करोड़ों रुपये सरकार को उक्त कंपनियों को अदा करने पड़े थे, लेकिन सरकार ने अपने सारे थर्मल प्लांट बंद कर दिए। अभी तक पंजाब सरकार उक्त कंपनियों से मिलकर हजारों करोड़ रुपये घपला कर चुकी है। उनके साथ फिरोजपुर से विधायक परमिंदर पिंकी, पूर्व विधायक जगबीर बराड़ और जिला प्रधान राजिंदर बेरी मौजूद थे।