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अस्सी बैडों का बनाया जा रहा है कैंटोनमेंट बोर्ड अस्पताल-सीईओ
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:23 PM IST
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कैंटोनमेंट अस्पताल में बढ़ेंगे 60 बेड: सीईओ
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
कैंटोनमेंट बोर्ड फिरोजपुर के बीस बेड वाले अस्पताल में 60 बिस्तर और बढ़ाए जाएंगे। यहां पर कैंटोनमेंट बोर्ड के मुलाजिमों के साथ-साथ सिविलियन लोगों का भी इलाज किया जाएगा और मुफ्त में दवाएं दी जाएंगी। अस्पताल में गाइनी, कान-नाक, हड्डियों के अलावा अन्य डाक्टर मौजूद हैं। आधुनिक तकनीक की लैबोरेटरी स्थापित की गई है, इसमें प्रत्येक बीमारी के टेस्ट की सुविधा हैैं। यह जानकारी कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ ओम पाल सिंह ने दी।
सीईओ ने बताया कि अस्सी बेड का अस्पताल बनाने के लिए मंजूरी मिल गई है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में बीस बेड का अस्पताल है। अस्पताल में माहिर डाक्टर है। अस्पताल के इंचार्ज डा. भारत भूषण ने बताया कि आधुनिक लैबोरेटरी स्थापित की गई है। इसमें प्रत्येक बीमारी के टेस्टों की सुविधा है। बाजार की तुलना में बहुत कम पैसों में टेस्ट किए जाते हैं। रोजाना ओपीडी में 80 से 100 मरीज आ रहे हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड के मुलाजिमों के लिए मुफ्त में इलाज की सुविधा है। अस्पताल में सिविलियन लोगों के इलाज की भी सुविधा शुरू की है, सिर्फ दस रुपये की पर्ची है और दवाएं मुफ्त दी जाती हैं।
अस्पताल में एक्सरे, ईसीजी, काला पीलिया, एड्स, चर्बी, गुरदे के अलावा अन्य टेस्टों की सुविधा है। अस्पताल में डॉट (टीबी) सेंटर स्थापित किया गया है, जहां टीबी के मरीजों को मुफ्त में दवा दी जाती है। सिविल अस्पताल से सप्ताह में दो दिन गाइनी की महिला डा. पूनम अरोड़ा आतीं है, अस्पताल में डिलीवरी की भी सुविधा है। कान-नाक के माहिर डा. टीना, हड्डियों के विशेषज्ञ डा. कमल कांत हैं। डा. भारत भूषण ने बताया कि कैंटोनमेंट बोर्ड के अस्पताल में पहले की तुलना में अब मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने छावनी क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वह सस्ता इलाज अस्पताल में करवाए, यहां पर मुफ्त दवाइयां और टेस्ट की सुविधा है। नई आधुनिक मशीनें हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
कैंटोनमेंट बोर्ड फिरोजपुर के बीस बेड वाले अस्पताल में 60 बिस्तर और बढ़ाए जाएंगे। यहां पर कैंटोनमेंट बोर्ड के मुलाजिमों के साथ-साथ सिविलियन लोगों का भी इलाज किया जाएगा और मुफ्त में दवाएं दी जाएंगी। अस्पताल में गाइनी, कान-नाक, हड्डियों के अलावा अन्य डाक्टर मौजूद हैं। आधुनिक तकनीक की लैबोरेटरी स्थापित की गई है, इसमें प्रत्येक बीमारी के टेस्ट की सुविधा हैैं। यह जानकारी कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ ओम पाल सिंह ने दी।
सीईओ ने बताया कि अस्सी बेड का अस्पताल बनाने के लिए मंजूरी मिल गई है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में बीस बेड का अस्पताल है। अस्पताल में माहिर डाक्टर है। अस्पताल के इंचार्ज डा. भारत भूषण ने बताया कि आधुनिक लैबोरेटरी स्थापित की गई है। इसमें प्रत्येक बीमारी के टेस्टों की सुविधा है। बाजार की तुलना में बहुत कम पैसों में टेस्ट किए जाते हैं। रोजाना ओपीडी में 80 से 100 मरीज आ रहे हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड के मुलाजिमों के लिए मुफ्त में इलाज की सुविधा है। अस्पताल में सिविलियन लोगों के इलाज की भी सुविधा शुरू की है, सिर्फ दस रुपये की पर्ची है और दवाएं मुफ्त दी जाती हैं।
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अस्पताल में एक्सरे, ईसीजी, काला पीलिया, एड्स, चर्बी, गुरदे के अलावा अन्य टेस्टों की सुविधा है। अस्पताल में डॉट (टीबी) सेंटर स्थापित किया गया है, जहां टीबी के मरीजों को मुफ्त में दवा दी जाती है। सिविल अस्पताल से सप्ताह में दो दिन गाइनी की महिला डा. पूनम अरोड़ा आतीं है, अस्पताल में डिलीवरी की भी सुविधा है। कान-नाक के माहिर डा. टीना, हड्डियों के विशेषज्ञ डा. कमल कांत हैं। डा. भारत भूषण ने बताया कि कैंटोनमेंट बोर्ड के अस्पताल में पहले की तुलना में अब मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने छावनी क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वह सस्ता इलाज अस्पताल में करवाए, यहां पर मुफ्त दवाइयां और टेस्ट की सुविधा है। नई आधुनिक मशीनें हैं।
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