KZF Terrorist Encounter: यूपी में मारे गए तीनों आतंकियों को ऑपरेट कर रहा था ब्रिटिश सेना में तैनात आतंकी जगजीत
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने यूपी में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए तीनों आतंकियों को लेकर खुलासा किया है कि तीनों आरोपी पाक में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) चीफ के संपर्क में थे।
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया है। तीनों आरोपी पंजाब के रहने वाले थे। मारे गए आतंकवादियों के नाम प्रताप सिंह (23) पुत्र स्वरूप सिंह, शाहनूर खुर्द कलानूर जिला गुरदास पुर, वीरेंद्र सिंह (23) पुत्र रंजीत सिंह, ऐशबान थाना कलानूर, गुरविंदर सिंह (20) पुत्र गुरदेव सिंह बुढिया कलानूर गुरदासपुर हैं। मारे गए तीनों आतंकी गुरदासपुर कलानौर थाने की बक्शीवाल पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के मामले में वांछित थे।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने यूपी में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए तीनों आतंकियों को लेकर खुलासा किया है कि तीनों आरोपी पाक में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) चीफ के संपर्क में थे। वहीं, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) आतंकी जगजीत ब्रिटिश सेना में तैनात है। ग्रीस में बैठे जसविंद्र मन्नू ने इन्हें काम सौंपा था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस मॉड्यूल को केजेडएफ के प्रमुख रणजीत सिंह नीता और गुरदासपुर के गांव अगवान निवासी हाल में ग्रीस में बैठा जसविंदर सिंह मन्नू द्वारा ऑपरेट किया जाता है। इसका नियंत्रण यूके में रहने वाले और ब्रिटिश सेना में कार्यरत जगजीत सिंह के पास है। जगजीत सिंह ने फतेह सिंह बग्गी की पहचान का इस्तेमाल किया।
In a joint operation against, #Pakistan's ISI operative in Punjab, a collaborative effort between UP Police & Punjab Police led to an encounter with three operatives of KZF in the jurisdiction of PS Puranpur, Pilibhit. Recovery: Two AK rifles and two Glock pistols
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The three… pic.twitter.com/ezEvP0WpOI— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) December 23, 2024
गुरुदासपुर में चौकी पर किया था हमला
19 दिसंबर को गुरदासपुर के सरहदी कस्बा कलानौर थाने की बक्शीवाल पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला हुआ था। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। कहा था कि जसविंदर सिंह बागी उर्फ मन्नू इस हमले का सरगना है।
ग्रेनेड फेंकने वाले आतंकी ऑटो से आए थे
इस हमले के बाद पुलिस ने जांच की तो सामने आया की आतंकी एक ऑटो से आए थे। पुलिस ने ऑटो को भी कब्जे में ले लिया था। फॉरेंसिक टीम की जांच में भी यही बात सामने आई कि ग्रेनेड फेंकने के लिए ऑटो का उपयोग किया गया था। तीनों आतंकी मामले में वांछित थे।