चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड: कारोबारियों की पीएम से गुहार, बिगड़ी कानून व्यवस्था के बीच छुट्टी पर गए गृह सचिव
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक सागर प्रीत हुड्डा से बाजारों में पेशेवर पुलिसिंग, गश्त में वृद्धि और पुलिस बैरियर लगाने की मांग की।
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-11 की केमिस्ट दुकान में हुई कैशियर की हत्या के बाद अब व्यापारियों का भरोसा चंडीगढ़ पुलिस से उठता जा रहा है। यही वजह है कि सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ के कुछ व्यापारी संगठनों ने देश के प्रधानमंत्री को सीधा पत्र लिखा है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि चंडीगढ़ में लगातार वारदात हो रहीं हैं और उनको रोकने के लिए ठोस उपाय और ज्यादा सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
क्या लिखा है पत्र में
चंडीगढ़ की औद्योगिक शेड कल्याण संघ द्वारा लिखे पत्र में चंडीगढ़ की बेहद चिंताजनक और डरावनी स्थिति बताई गई है। इसमें लिखा गया है कि पिछले कुछ समय से शहर के व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों को निशाना कर विदेशी नंबरों से सरेआम रंगदारी मांगी जा रही है। रंगदारी न देने पर सरेबाजार गोलियां बरसाई जा रही हैं, जिससे पूरे व्यापारी वर्ग में खौफ और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
हाल ही में सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट शोरूम में हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी और निर्दोष कर्मचारी की हत्या ने शहर को हिलाकर रख दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि बदमाशों के डर से चंडीगढ़ के शोरूम और दुकान मालिकों ने मुख्य काउंटर छोड़ दिए हैं और ऊपरी मंजिलों या बैक ऑफिसों में छिपकर बैठने को मजबूर हैं। अगर यही स्थिति रही, तो चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी, व्यापार ठप हो जाएगा और बड़े उद्यमी शहर से पलायन करने को मजबूर होंगे। इसमें अनुरोध किया गया है कि बदमाशों के इस पूरे गठजोड़ को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी या केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर काम करने का जिम्मा सौंपा जाए।
शहर के प्रमुख व्यावसायिक बाजारों (सेक्टर-17, 22, 26, औद्योगिक क्षेत्र आदि) में तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष कमांडो तैनात किए जाएं। चंडीगढ़ के 50,000 से अधिक व्यापारियों और लाखों नागरिकों को आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति और त्वरित कार्रवाई पर पूरा भरोसा है। कृपया हमें इस खौफ के साए से बाहर निकालें।
व्यापारी बोले-गश्त में करें वृद्धि, लगाएं पुलिस बैरियर
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहर के पुलिस महानिदेशक सागर प्रीत हुड्डा से मुलाकात की। यह मुलाकात सेक्टर-11 में एक व्यापारी के कर्मचारी की हत्या के बाद की गई। प्रतिनिधिमंडल ने शहर के बाजारों में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। इसमें सीबीएम के अध्यक्ष संजीव चड्ढा, अध्यक्ष चरंजीव सिंह, उपाध्यक्ष दिवाकर साहूजा और कार्यकारी सदस्य नवदीप शर्मा और संदीप बंसल शामिल थे। उन्होंने व्यापारियों के बीच व्याप्त भय और असुरक्षा को पुलिस महानिदेशक के सामने रखा।
उन्होंने बाजारों में पेशेवर पुलिसिंग, गश्त में वृद्धि और पुलिस बैरियर लगाने की मांग की। संजीव चड्ढा ने शहर के व्यापारियों की ओर से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया गया। इसका उद्देश्य विशेष रूप से सेक्टर-11 बाजार के केमिस्टों में सुरक्षा की भावना पैदा करना था। पुलिस महानिदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को बाजार सुरक्षा मजबूत करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी बाजार कल्याण संघ में अपने सुरक्षा व यातायात कर्मियों को तैनात करें।
ये कर्मी बाजारों के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर तैनात किए जाएं। पुलिस महानिदेशक हुड्डा ने व्यापारी निकायों से बाजार स्तर पर सुरक्षा उपायों को लागू करने में सहयोग मांगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि चंडीगढ़ पुलिस हर व्यापारी और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। एक घंटे चली इस बैठक में पुलिस और मंडल द्वारा संयुक्त उपायों पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य व्यापारिक समुदाय में विश्वास बहाल करना था।
मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरक्षा सुमेर प्रताप सिंह से भी इसी तरह की बैठक की। इस बैठक में भी बाजार सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा हुई। व्यापारियों ने अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। दोनों बैठकों का उद्देश्य शहर में व्यापारिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना था।
गृह सचिव मनदीप बराड़ अवकाश पर
सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के बाद शहर की कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ अवकाश पर चले गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा को गृह, पुलिस, जेल और समन्वय विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद की ओर से सोमवार को आदेश जारी किए गए।
जानकी दास हत्याकांड के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर शहर की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की थी। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नाकाबंदी बढ़ाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी बीच गृह सचिव के अवकाश पर जाने को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। विभागों का कामकाज पहले की तरह सुचारु रूप से चलता रहेगा।
आदेशों के अनुसार मनदीप सिंह बराड़ 13 जून से 28 जून तक अवकाश पर रहेंगे। उनके पास मौजूद विभिन्न विभागों का अतिरिक्त कार्यभार अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सौंपा गया है ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। दिप्रवा लाकड़ा को गृह, पुलिस, जेल और समन्वय विभाग के अलावा पर्यावरण एवं वन तथा स्थानीय सरकार एवं शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं, आईएएस अधिकारी स्वप्निल एम. नाइक को राजस्व, विधि एवं न्याय, प्रोटोकॉल तथा जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नाइट क्लब नहीं, बड़े कारोबारी गैंगस्टरों के निशाने पर
कैशियर हत्याकांड ने चंडीगढ़ में संगठित अपराध और रंगदारी के बदलते स्वरूप का खुलासा किया है। वारदात के कुछ घंटों के भीतर ही सेक्टर-11 के पांच प्रमुख केमिस्ट कारोबारियों को विदेशों से व्हाट्सएप कॉल कर रंगदारी मांगे जाने की सूचना सामने आई।
इसके बाद यह आशंका गहरा गई है कि अब गैंगस्टरों का फोकस केवल नाइट क्लब और बार कारोबार तक सीमित नहीं रहा बल्कि शहर के बड़े कारोबारी, केमिस्ट चेन संचालक, प्रॉपर्टी डीलर और उद्योगपति भी उनके निशाने पर आ गए हैं। उधर, विदेशों में बैठे गैंगस्टर इंटरनेट कॉलिंग, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं जिससे पुलिस को उनकी पहचान और लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार कारोबारियों को फ्रांस, जर्मनी और कनाडा के नंबरों से कॉल कर मोटी रकम की मांग की गई। कॉल करने वालों ने धमकी दी कि रंगदारी नहीं देने पर दुकानों को बम से उड़ाया जा सकता है या उनका भी वही अंजाम होगा जो जानकी दास का हुआ।
पिछले कुछ वर्षों में चंडीगढ़ में रंगदारी और धमकी का खेल मुख्य रूप से नाइट क्लब, डिस्कोथेक और बार कारोबार तक सीमित था। सेक्टर-26, सेक्टर-7, सेक्टर-8 और सेक्टर-9 के कई क्लब संचालकों को विदेशों में बैठे गैंगस्टरों की ओर से धमकी भरे कॉल और संदेश मिलते रहे हैं। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, संपत नेहरा और अन्य गैंगों के नाम भी सामने आते रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि संगठित अपराधी अब उन क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं जहां आर्थिक लेन-देन अधिक है और रंगदारी की रकम भी बड़ी मिल सकती है।
इन घटनाओं ने दिखाया रंगदारी के नेटवर्क का बदलता चेहरा
नवंबर 2024 : सेक्टर-26 स्थित रैपर बादशाह के सिविल बार एंड लाउंज के बाहर संदिग्ध ग्रेनेड/क्रूड बम फेंकने की घटना ने शहर को हिला दिया था।
सेक्टर-21 फायरिंग कांड : एक प्रॉपर्टी डीलर के घर के बाहर फायरिंग कर अपराधियों ने कारोबारी वर्ग को सीधे निशाना बनाया।
पंजाब भाजपा कार्यालय पर हमला : ग्रेनेड हमले जैसी वारदातों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई और संगठित अपराध के नए स्वरूप को उजागर किया।
सेक्टर-11 केमिस्ट मार्केट : जानकी दास हत्याकांड के बाद कारोबारियों को विदेशों से रंगदारी की धमकियां मिलने से खतरे का दायरा और बढ़ गया।