Stubble Burning: बदस्तूर जारी है पराली का जलना, अधिकतर जिलों में हवा खराब, किसान बोले-हमारी मजबूरी है
खरीफ सीजन के दौरान सूबे में पराली जलाने के कुल मामले बढ़कर 1,445 हो गए हैं। पराली जलाने के कारण प्रदेश के अधिकतर जिलों का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स यलो जोन में पहुंच चुका है।
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पंजाब में खरीफ सीजन के दौरान पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। रविवार को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से सैटलाइट के जरिए डाटा के अनुसार प्रदेश में कुल 52 जगहों पर पराली जली है। प्रदेश की हवा पर भी इसका असर दिखना शुरू हो गई है और रविवार को मंडी गोबिंदगढ़ की हवा पुअर श्रेणी में पहुंच गई, जहां एक्यूआई 230 दर्ज किया गया।
वहीं किसानों का कहना है कि हम मजबूर हैं। बठिंडा के किसान राम सिंह ने कहा कि सरकार को कोई स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि पराली जलाने की घटनाओं में कमी आ सके। पराली जलाना हमारी मजबूरी है। सरकार कोई समाधान नहीं दे रही है, बल्कि किसानों पर ही केस दर्ज किए जा रहे हैं... प्रदूषण के लिए हमेशा किसानों को ही जिम्मेदार ठहराते हैं। क्या दिल्ली और पंजाब में फैक्ट्रियां और उद्योग नहीं हैं? क्या वे प्रदूषण में योगदान नहीं दे रहे हैं?
#WATCH | Bathinda, Punjab: A farmer Ram Singh says, "The government should find a permanent solution so that the incidents of stubble burning can be reduced. Burning stubble is our compulsion. The government is not giving any solution, rather cases are being registered against… https://t.co/dpfqDYoeXl pic.twitter.com/jKsj64hvuh
— ANI (@ANI) October 21, 2024
हर जिले ने पकड़ी रफ्तार
अमृतसर और तरनतारन के बाद अब पटियाला और फिरोजपुर में भी पराली जलाने के मामलों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। पटियाला में पराली जलाने के सबसे अधिक 11 मामले सामने आए हैं। इसके बाद 10 मामले तरनतारन और फिरोजपुर में 9 मामले सामने आए हैं। 7 मामले फतेहगढ़ साहिब और अमृतसर में 4 मामले देखे गए। अमृतसर का एक्यूआई रविवार को 160, जालंधर 143, खन्ना 138, लुधियाना 119, पटियाला 115 और रुपनगर का एक्यूआई 134 दर्ज किया गया है।