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Amritsar News: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद किसानों ने शुरू की दिल्ली कूच की तैयारी

Fri, 12 Jul 2024 09:22 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर Updated Fri, 12 Jul 2024 09:22 PM IST
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farmers started preparing to march to Delhi
-गांवों में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी आंदोलन के लिए किसानों को इकट्ठा करने में जुटी
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-प्रत्येक किसान परिवार से दो-दो सदस्यों के शामिल होने की अपील, गुरुद्वारों से अनाउंसमेंट
-ट्रैक्टर ट्राॅलियां तैयार रखने और एक माह का राशन व अन्य सामग्री भी तैयार रखने को कहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के शंभू बॉर्डर खोलने के आदेश के बाद किसानों ने दिल्ली कूच की तैयारी शुरू कर दी है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब व किसान मजदूर मोर्चा के सदस्य गांवों से किसानों को एकजुट करने में लग गए हैं। किसानों को दिल्ली जाने के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है। यहां तक के गुरुद्वारों के माध्यम से और वाहनों से अनाउसमेंट कर किसानों को जानकारी दी जा रही है। प्रत्येक किसान परिवार से दो-दो सदस्य इस आंदोलन में जरूर हिस्सा लें।
दिल्ली जाने के लिए किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोन स्तर की बैठकों की इसी मुद्दे पर शुक्रवार से बैठकें शुरू कर दी हैं, ताकि किसानों को दिल्ली में शुरू किए जाने वाले आंदोलन के लिए तैयार किया जा सके। इस बैठकों में किसानों को अपनी ट्रैक्टर ट्राॅलियां तैयार रखने के साथ एक माह का राशन व अन्य खानपान की सामग्री भी तैयार रखने को कहा जा रहा है।
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किसान नेताओं का कहना है कि गांवों में किसानों को अगले आंदोलन के लिए तैयार रहने का कहा गया है। रास्ता किसानों ने नहीं बल्कि हरियाणा व केंद्र सरकार ने रुकावटें खड़ी कर के बंद किया है। किसानों को दिल्ली नहीं जाने दिया। रास्ते रोक दिए गए जिस कारण उनकों सड़कों के किनारे दो स्थानों पर धरना शुरू करना पड़ा उन्होंने कहा कि पिछले पाच माह से किसान दो स्थानों पर धरना देकर बैठे हैं, लेकिन परंतु इस दौरान कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे हैं। हरियाणा सरकार ही विवाद को बढ़ा रही है। कभी रास्तों पर दीवारें बना दी जाती है तो कभी धरना दे रहे किसानों का व्यापारियों के साथ विवाद पैदा कर दिया जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सुखद, लेकिन बहुत देर से आई है : पंधेर
पटियाला। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट की शंभू बाॅर्डर पर टिप्पणी के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि यह टिप्पणी सुखद है, लेकिन बहुत देर से आई है, जबकि हाईवे बंद करने को लेकर काफी पहले ही प्राइवेट पीआईएल दायर की गई थी। बीते 13 फरवरी से केंद्र की शह पर हरियाणा सरकार ने शंभू व खन्नौरी बाॅर्डरों पर दीवारें खड़ी करके कड़े पहरे के बीच बैरिकेडिंग कर रखी है। शनिवार को पूरे पांच महीने हो जाएंगे। इस दौरान हाइवे बंद होने से व्यापारियों व ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं आम लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा। इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है। हरियाणा व केंद्र सरकारें यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रही हैं कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसानों को हाईवे पर दीवारें खड़ी करके रोका गया, लेकिन सवाल उठता है कि किसान शांतिमय ढंग से अपने देश की राजधानी दिल्ली जा रहे थे। यह उनका सांविधानिक हक है कि वह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सकते हैं।

पंधेर ने कहा कि शनिवार को बॉर्डरों पर किसानी आंदोलन शुरू हुए पूरे पांच महीने हो जाएंगे, लेकिन किसानों में जोश कम नहीं है। इस दौरान किसानों ने कड़ाके की ठंड, फिर भीषण लू और अब बरसात का सामना कर रहे हैं। पंधेर ने कहा कि किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। फिर चाहे इसमें कितना ही समय क्यों न लगे। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति पर विचार को 16 जुलाई को दोनों फोरमों की तरफ से बैठक करके फैसला लिया जाएगा। फिलहाल पंजाब भर से किसानों को बॉर्डरों पर पहुंचने को कहा जा रहा है। इसके तहत बाॅर्डरों पर किसानों के जत्थों का आना भी शुरू हो गया है।
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