532 करोड़ की हेरोइन मामले में बड़ा खुलासा, कौन है मास्टर माइंड जान लें, दो और दबोचे गए
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पाकिस्तान से 532 किलोग्राम हेरोइन व 52 किलोग्राम अन्य नशीले पदार्थों का आयात करने वाला गुरपिंदर सिंह व श्रीनगर के हंदवाड़ा का दुकानदार तारिक अहमद लोन स्मगलिंग बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। देश के तीन सीमावर्ती राज्यों पंजाब, जम्मू-कश्मीर व राजस्थान तक इनका नेटवर्क फैला हुआ था।
सीमा शुल्क विभाग ने गुरपिंदर सिंह की निशानदेही पर दो ड्राइवरों को एक ट्रक के साथ राजस्थान के जोधपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। जोधपुर कस्टम अधिकारियों ने इस दोनों ड्राइवरों को गिरफ्तार कर अमृतसर के कस्टम अफसरों को आज सौंप दिया। दोनों ड्राइवरों के बयान के आधार पर पुलिस ने ट्रक के मालिक जसबीर सिंह को भी गिरफ्तार किया है। कस्टम विभाग ने जसबीर सिंह को भी जांच में शामिल कर लिया गया है।
पूछताछ के दौरान जसबीर सिंह ने कस्टम अधिकािरयों को इस बात की जानकारी दी की नशीले पदार्थों की यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी। कस्टम अधिकारियों ने जसबीर सिंह को साथ लेकर अमृतसर के रानियां सेक्टर के अंतर्गत आते गांव राम तीर्थ के एक घर में छापामारी की।
अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ रंजीत सिंह उर्फ राणा उर्फ चीता के घर पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। पुलिस स्टेशन राम तीर्थ के एसएचओ के सहयोग से घर का ताला तुड़वाया गया। घर की तलाशी के दौरान कस्टम अधिकारियों के हाथ कई ऐसे दस्तावेज हाथ लगे है, जिससे पता चला है की रंजीत सिंह व उसका बेटा हरप्रीत सिंह इस गिरोह का मास्टर माइंड है।
रंजीत सिंह ही गुरपिंदर सिंह व तारिक लोन की ओर से चलाए जा रहे इस नेटवर्क का फाइनेंसर है। रंजीत सिंह व जसबीर सिंह के विरुद्ध कई थानों में एनडीपीएस एक्ट में कई केस दर्ज हैं। हेरोइन की इस खेप की तस्करी के आरोप में गुरपिंदर सिंह व तारिक अहमद लोन पहले ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है।
आज हुई दो ड्राइवरों व ट्रक मालिक जसबीर सिंह की हुई गिरफ्तारी के बाद अब तक पांच आरोपी अरेस्ट हो चुके हैं। फाइनेंसर रंजीत व उसका बेटा हरप्रीत सिंह फरार हैं। कस्टम विभाग ने गिरफ्तार ट्रक ड्राइवरों के नामों का खुलासा करने से इंकार कर दिया।
हेरोइन की खेप का एक हिस्सा जाना था राजस्थान
गुरपिंदर सिंह से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कस्टम विभाग ने उस ट्रक नंबर की भी पहचान की है, जिस ट्रक में पाकिस्तान से आई हेरोइन की 532 किलोग्राम की खेप का बड़ा हिस्सा राजस्थान पहुंचाया जाना था। अटारी सीमा पर स्थ्ति इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट(आईसीपी) से हेरोइन व अन्य नशीले पदार्थों की खेप गुरपिंदर के गोदाम में पहुंचाई जानी थी।
फिर जसबीर सिंह के ट्रक के इस खेप का बड़ा भाग राजस्थान पहुंचाए जाने की योजना थी। जसबीर सिंह को इस खेप का दूसरा हिस्सा रंजीत सिंह उर्फ राणा को सप्लाई करना था। कस्टम विभाग इस बात की जांच कर रहा है की फाइनेंसर रंजीत सिंह व तारिक अहमद लोन के बीच इस खेप की क्या कड़ी जुड़ी है। रंजीत व लोन इस खेप से मिलने वाली करोड़ों की राशि को हवाला कारोबार के माध्यम से पाकिस्तान संरक्षित आतंकी संगठनों तक पहुंचाने के कही सूत्रधार तो नहीं है, इसकी जांच भी विभाग कर रहा है।