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तापमान का उतार-चढ़ाव बिगाड़ रहा सेहत, ठंड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
Sat, 29 Dec 2018 10:18 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Sat, 29 Dec 2018 10:18 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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दिन में तेज धूप और रात में गलन। मौसम में हो रहे बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। यही वजह है कि अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। कोई सर्दी, खांसी, बुखार से परेशान हैं तो किसी को नाक जाम, गले में खरास की शिकायत है। अस्पताल पहुंचने वालों में बच्चों की संख्या भी कम नहीं है। इनमें पेट संबंधी बीमारी से परेशान बच्चों की संख्या अधिक है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे समय में अस्थमा, हृदय रोग के मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दी के शिकार बच्चे जरा सी लापरवाही पर निमोनिया के शिकार हो जा रहे हैं। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में सबसे अधिक सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीज हैं।
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औसतन दस दिन के भीतर मरीजों के आंकड़े में 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में आम दिनों में जहां 80 से 100 के करीब मरीज आते थे वहीं पिछले दस दिनों से यह आंकड़ा 125 से 150 तक पहुंच जा रहा है। इस समय हृदय रोग, सर्दी, खांसी, बुखार, सांस की तकलीफ वाले अधिक आ रहे हैं।
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सर्दी से बचने के लिए अलाव के पास बैठे लोग
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे मौसम में बच्चों की सेहत पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही पर निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को पूरी बांह का कपड़ा पहनाएं और उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
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stomach diseases
दीनदयाल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पीके सिंह का कहना है कि इस मौसम में अस्थमा, टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया के साथ ही अन्य संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। लापरवाही गंभीर हो सकती है।