श्रेया हत्याकांड का खुलासा: विवेक ने 22 लाख में दी थी दोस्त को सुपारी, तड़पा-तड़पाकर मारा था; ऐसे खुला राज
वाराणसी जिले में श्रेया हत्याकांड के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया, जबकि विवेक चौबे की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रेया उपाध्याय (22) की हत्या दूर के रिश्तेदार विवेक चौबे ने 22 लाख रुपये में सुपारी देकर कराई थी। हत्या के बाद विवेक ने दोस्त पुनीत को 22 लाख रुपये देने का वादा किया था। पुनीत मिश्रा को राजातालाब पुलिस और एसओजी, सर्विलांस की टीम ने सोमवार तड़के जक्खिनी के जमुनीपुर तिराहे के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। दाहिने पैर में लगी गोली से घायल पुनीत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जक्खिनी में भर्ती कराया गया, जहां से उसे दोपहर बाद कोर्ट ने जेल भेज दिया। आरोपी के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस, बाइक बरामद हुई। उधर, विवेक चौबे की गिरफ्तारी के लिए एसओजी की टीमें बिहार में दबिश दे रही हैं।
क्या है पूरा मामला
डीसीपी अपराध नीतू कादयान ने बताया कि गिरफ्तार पुनीत मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र के अरदौना, डाडीडीह बकुची के मिसरौली का निवासी है। वह चोलापुर के नियारडीह निवासी विवेक का दोस्त है। श्रेया की शादी तय होने के बाद से परेशान विवेक ने पुनीत के जरिये हत्या की साजिश रची। पुलिस की पूछताछ में आरोपी पुनीत ने कबूला कि लोहता में विवेक से मिलना-जुलना होता था। श्रेया की हत्या में मदद करने के बदले विवेक ने 22 लाख रुपये देने को कहा था।
इसे भी पढ़ें; जौनपुर: आप सांसद के स्कूल चोरी के दावे पर जिला प्रशासन बोला- पेयरिंग से चल रहे पांचों प्राथमिक विद्यालय
एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि चार टीमों ने छानबीन की तो मालूम चला कि घटना को विवेक ने अकेले अंजाम नहीं दिया। 18 अगस्त को श्रेया को अगवा करने के बाद आरोपी उसे बच्छाव पश्चिमपुरा में पानी टंकी के पास एक मकान में ले गए।
मकान के पास सीसीटीवी कैमरे में 18 अगस्त की सुबह पौने 10 बजे छत पर पुनीत को टहलते देखा गया था। करीब 18-19 मिनट बाद जब विवेक चौबे और श्रेया कमरे के अंदर गए तो घटना को अंजाम देने के बाद विवेक के साथ पुनीत बाहर निकला। विवेक बाइक से भागा था, जबकि पुनीत एक कैब (टैक्सी) से भाग निकला था।
कैब ड्राइवर के जरिये पुलिस के हाथ लगा सुराग
राजातालाब पुलिस ने टैक्सी का पता लगाया और मिर्जापुर के रहने वाले कैब ड्राइवर से पूछताछ की। इसके बाद पुनीत का मोबाइल नंबर मिला। सीडीआर, आईपीडीआर और लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपी की पहचान पुनीत मिश्रा के रूप में हुई। उसकी लोकेशन घटनास्थल और उसके मामा के घर (चुनार) के पास पाई गई। इस बीच पुलिस को भनक लगी कि पुनीत मिर्जापुर से जक्खिनी आ रहा है।
टीम ने जमुनीपुर तिराहा के पास चेकिंग शुरू की। एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। टीम ने पीछा किया तो रमईपुर भट्ठा के पास रास्ता खराब होने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुनीत के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार किया गया।
श्रेया उपाध्याय 18 अगस्त को जगतपुर महाविद्यालय रोहनिया जाने के दौरान लापता हो गई थी। राजातालाब थाने में गुमशुदगी दर्ज हुई थी। परिजनों की तहरीर पर चोलापुर थाना क्षेत्र के नियारडीह निवासी विवेक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेक तीन साल से चुनार सीखड़ के भुआलपुर में ननिहाल में रहता था।
विवेक की गिरफ्तारी के लिए बिहार तक दबिश
क्राइम ब्रांच की छानबीन में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद विवेक ननिहाल गया और फिर वहीं से हाईवे होकर बिहार की ओर भागा। पुलिस की टीमें उसके पीछे लगी हैं।
श्रेया उपाध्याय की हत्या में गिरफ्तार पुनीत मिश्रा का पुलिस आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। वारदात के दिन विवेक ने श्रेया के हाथ पकड़े और पुनीत ने चाकू से गला रेता था। श्रेया के छटपटाने और सांस थमने तक दोनों कमरे में ही थे। 20 मिनट में हत्या के बाद कमरे से पहले विवेक निकला और फिर बाद में पुनीत कैब बुक कर वहां से गया। विवेक ने पुनीत को आश्वस्त किया था कि वह रुपये से भरा बैग लेकर आ रहा है। 20 मिनट से अधिक समय होने के बाद विवेक का मोबाइल बंद हो गया।