भाई-बहन की नहर में डूबने से मौत: झूलते समय नहर में गिरी चार साल की साक्षी, बचाने कूदा क्षितिज भी डूबा; मातम
चंदौली में झूला झूलते समय चार वर्षीय साक्षी नहर में गिर गई। उसे बचाने के लिए उसका भाई क्षितिज भी नहर में कूद गया और दोनों डूब गए। घटना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए। हादसे की खबर से गांव में मातम पसरा रहा।
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बलुआ थाना क्षेत्र के मथेला गांव में सोमवार दोपहर दर्दनाक हादसे में दो सगे भाई-बहन की नहर में डूबने से मौत हो गई। नहर किनारे पेड़ पर लगे झूले पर झूल रही चार वर्षीय साक्षी का अचानक हाथ छूट गया और वह लबालब भरी नहर में जा गिरी। बहन को डूबता देख उसका दस वर्षीय भाई क्षितिज उसे बचाने के लिए नहर में उतर गया, लेकिन गहरे पानी में दोनों डूब गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद साक्षी और लगभग डेढ़ घंटे बाद क्षितिज को नहर से बाहर निकाला। पुलिस दोनों को चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्कूल से लौटने के बाद नहर किनारे पहुंचे थे तीनों बच्चे
मथेला गांव निवासी गोबिंद कुशवाहा बाहर रहकर निजी नौकरी करते हैं। उनके तीन बच्चे क्षितिज (10), लक्ष्मी (6) और साक्षी (4) थे। क्षितिज कक्षा चार, लक्ष्मी कक्षा दो और साक्षी आंगनबाड़ी की शिक्षा के बाद बिसापुर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थी।सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद तीनों बच्चे घर पहुंचे। बच्चों ने घर पर अपना बस्ता रखा और इसके बाद नहर किनारे पेड़ पर लगे झूले के पास चले गए। साक्षी झूला झूल रही थी, जबकि उसका भाई क्षितिज उसे झुला रहा था। छोटी बहन लक्ष्मी भी वहीं मौजूद थी।
हाथ छूटा और देखते ही देखते नहर में समा गई मासूम
झूला झूलने के दौरान अचानक साक्षी का हाथ छूट गया। वह सीधे नहर के गहरे और लबालब भरे पानी में जा गिरी। बहन को पानी में डूबता देख क्षितिज ने बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। हालांकि, नहर में पानी अधिक होने के कारण क्षितिज भी खुद को संभाल नहीं सका। देखते ही देखते दोनों बच्चे गहरे पानी में डूब गए। हादसा देखकर छह वर्षीय लक्ष्मी घबरा गई और दौड़कर घर पहुंची। उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने शुरू की तलाश, आधे घंटे बाद मिली साक्षी
बच्चों के नहर में डूबने की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण नहर में उतरकर दोनों बच्चों की तलाश में जुट गए। करीब आधे घंटे तक चले प्रयास के बाद साक्षी को नहर से बाहर निकाल लिया गया।इसके बाद ग्रामीणों ने क्षितिज की तलाश जारी रखी। करीब डेढ़ घंटे तक नहर में खोजबीन करने के बाद क्षितिज को भी बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर बलुआ पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को तत्काल चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर मुआवजे की मांग की
घटना की जानकारी मिलते ही सकलडीहा के सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली और उच्चाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। विधायक ने मौके पर मौजूद एसडीएम से पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने तथा मामले में आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया।
दो मासूमों की मौत से परिवार में मचा कोहराम
एक साथ दो मासूम बच्चों की मौत से मथेला गांव में मातम छा गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चों की चहल-पहल थी, वहां अब चीख-पुकार मची हुई है। दादा रामदुलार, पिता गोबिंद कुशवाहा, मां गौरा देवी और दादी कुसुम लता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों की करुण चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों के मुताबिक क्षितिज और साक्षी की मौत की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
मासूम साक्षी झूला झूलते समय नहर में गिरी और उसे बचाने की कोशिश में बड़े भाई क्षितिज ने भी अपनी जान गंवा दी। दोनों बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बलुआ थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।