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मुलायम सिंह यादव नहीं तो कौन होगा आजमगढ़ से सपा प्रत्याशी, इन दो नेताओं के बीच जोर-आजमाइश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 16 Jun 2018 02:05 PM IST
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Mulayam Singh Yadav
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सपा संरक्षक और सांसद मुलायम सिंह यादव के लोकसभा चुनाव मैनपुरी से लड़ने की फिर से की गई घोषणा से आजमगढ़ में अटकलों का दौर तेज हो गया है। उनकी इस घोषणा से राजनीतिक हलकों में पार्टी के प्रत्याशी पर अभी से चर्चा तेज हो गई है। आजमगढ़ के सांसद मुलायम सिंह यादव का मैनपुरी से चुनाव लडऩा नए सियासी समीकरण को जन्म दे सकता है। आगे की स्लाइड्स में जानिए
रमाकांत यादव
भाजपा नेता रमाकांत यादव के सपा में शामिल होने की चर्चाओं के बीच सपाई प्रदेश के पूर्व मंत्री बलराम यादव के बीच जोर-आजमाइश मानकर चल रहे हैं। पिछले दिनों सपा नेता अबू आसिम आजमी ने रमाकांत यादव को सपा में शामिल कराने संबंधी प्रयास का बयान दिया था। दोनों के सपा महासचिव रामगोपाल से मुलाकात की बातें भी सामने आई थीं। इससे रमाकांत यादव के सपा में शामिल होने की संभावनाओं को बल मिला था।
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- फोटो : अमर उजाला
अब उनके सपा से लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है। रमाकांत यादव सपा में शामिल हो जाते हैं तो आजमगढ़ से उन्हें सपा प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा चुनाव 2019 का टिकट मिल सकता है। यह भाजपा के लिए बड़ा झटका होगा। आजमगढ़ में भाजपा के पास ऐसा कोई नेता नहीं है जो रमाकांत यादव की जगह को भर सके।
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- फोटो : अमर उजाला
इन सबके बीच बलराम यादव की दावेदारी को भी कमजोर नहीं मान जा रही है। उधर, भाजपा में संगीता तिवारी और जनार्दन सिंह गौतम का सामने आ रहा है। वैसे तो लोकसभा चुनाव होने में अभी लगभग एक वर्ष का समय बाकी है, लेकिन सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं।
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सपा, बसपा
सपा- बसपा गठबंधन करके लोकसभा चुनाव 2019 लडने वाले हैं। आजमगढ़ सीट अभी तक सपा के पास है और जिस तरह से अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह बसपा से कम सीट भी लेने को तैयार है। ऐसी स्थिति में आजमगढ़ पर बसपा अपना दावा करती है तो सपा को यह मंजूर होगा। बसपा के लिए भी आजमगढ़ सीट मुफीद है दलित व मुस्लिम वोटरों का यादव का साथ मिल जायेगा तो सीएम योगी के प्रत्याशी को चुनाव जितना कठिन होगा।