उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू परिवार के साथ दो दिवसीय काशी यात्रा पर आज शाम वाराणसी आ रहे हैं। इस दौरान उपराष्ट्रपति गंगा आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन और पड़ाव स्थित पं दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल का भ्रमण करेंगे। वाराणसी की जनता उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत करने के लिए तैयार है।
उपराष्ट्रपति जिन सड़कों से गुजरेंगे वहां भव्य सजावट की गई है। डिवाइडरों को चमकाया गया है। उनकी शोभा बढ़ाने को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों के गमले लगाए गए हैं। सड़क किनारे जगह-जगह होर्डिंग लगाई गई हैं। उपराष्ट्रपति दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में शामिल होंगे।
यहां पर सात अर्चकों के साथ विशेष गंगा आरती की जाएगी। गंगा पूजन करने के बाद उपराष्ट्रपति महाआरती की अद्भुत और विहंगम छटा निहारेंगे। आरती स्थल को गेंदे, खुशबूदार फूलों और रंग बिरंगी बत्तियों से सजाया गया है। सोफे और कुर्सियां लगाई गईं हैं। सीढ़ी से घाट तक रेड कारपेट बिछाया गया है। घाट के एक किनारे पर पर्दा लगाया गया है।
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बनारस स्टेशन पर सजावट
- फोटो : अमर उजाला
बनारस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक से मेन गेट तक को दुल्हन की तरह सजाया गया है। जगह-जगह फूलों से रंगोली बनाई गई है। यहां भी रेड कारपेट बिछाया गया है।
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बनारस स्टेशन पर सजावट
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वाराणसी कैंट स्टेशन को भी चमकाया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर चल रहे निर्माण कार्य को पूरी तरह से प्लेट लगाकर कवर कर दिया गया है। एफओबी (फुट ओवरब्रिज), लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों के आसपास सजावट की गई है। कैंट स्टेशन के अंदर प्रवेश और निकास के लिए सभी मुख्य द्वारों पर सुरक्षा बढ़ी दी गई है।
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दशाश्वमेध घाट पर की गई सजावट
- फोटो : अमर उजाला
काशी में उपराष्ट्रपति की अगवानी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक करेंगे। शुक्रवार की शाम करीब छह बजे उपराष्ट्रपति की विशेष ट्रेन अयोध्या से कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। यहां दो से तीन मिनट ठहरने के बाद बनारस रेलवे स्टेशन प्रस्थान कर जाएगी। बनारस रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद उपराष्ट्रपति विशेष गाड़ी में बैठ बरेका गेस्ट हाउस जाएंगे।
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दशाश्वमेध घाट पर की गई सजावट
- फोटो : अमर उजाला
बरेका में विश्राम के बाद दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में शामिल होंगे। अगले दिन शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद बरेका में दोपहर का भोजन करेंगे और यहां से वे पड़ाव स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल जाएंगे।