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तस्वीरेंः पूर्वांचल में बूंदाबांदी से सूरज के तेवर पड़े नरम, जानें फसलों के लिए कितनी फायदेमंद है बारिश

Tue, 05 Jan 2021 10:32 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Tue, 05 Jan 2021 10:32 PM IST
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Varanasi weather update drizzling in Purvanchal benefit rain for crops
मंगलवार को दिन में धुंध से दूरदर्शन टावर कुछ ऐसा दिखा। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी समेत पूर्वांचल के विभिन्न जगहों पर मंगलवार को हुई बूंदाबांदी से सूरज के तेवर नरम पड़ गए। बता दें कि दो दिन से तेज धूप होने से लोग गलन से राहत महसूस कर रहे थे। इस बीच मौसम का मिजाज मंगलवार को बदल गया। सुबह थोड़ी देर के लिए धूप तो निकली उसके बाद दिन भर बादल छाए रहे। इधर दोपहर बाद विभिन्न क्षेत्रों में  बूंदाबांदी हुई तो सिहरन बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार भी दो दिन तक मौसम के ऐसे बने रहने की संभावना है।

Varanasi weather update drizzling in Purvanchal benefit rain for crops
आसमान में छाए बादल। - फोटो : अमर उजाला

जिस तरह से पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का दबाव बढ़ा है, उससे पूर्वांचल में कई जिलों में सोमवार से ही बूंदाबांदी, नम हवाएं चल रही है। वाराणसी में देखते-देखते दोपहर 12 बजे से ही आसमान में बादल छाने लगे। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई और फिर धूप ही नहीं हुई। सोमवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 27 डिग्री था जबकि मंगलवार को चार डिग्री कम होकर 23.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इधर न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री की जगह 15 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से मौसम का मिजाज अभी ऐसा ही रहेगा। सात जनवरी तक बूंदाबांदी होते रहने के आसार हैं।

Varanasi weather update drizzling in Purvanchal benefit rain for crops
मौसम में नमी के कारण लोग गर्म कपडे पहने दिखे। - फोटो : अमर उजाला

सेहत के प्रति बरतनी होगी अधिक सतर्कता

मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव में सेहत के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। ऐसे समय में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के साथ ही पेट संबंधी बीमारियों के होने की संभावना अधिक रहती है। मंडलीय अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एके सिंह के अनुसार पूरी बांह का कपड़ा पहने बिना घर से नहीं निकलना चाहिए। तबीयत बिगड़ने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा भी नहीं लेनी चाहिए। तीन दिन से अधिक समस्या बनी रहे तो अस्पताल जाकर जांच जरूरी करानी चाहिए। उधर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके श्रीवास्तव के अनुसार इसी समय बच्चों की सेहत पर अधिक ध्यान देना चाहिए। ऐसे समय में उन्हें निमोनिया, दस्त होने का खतरा रहता है। 

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Varanasi weather update drizzling in Purvanchal benefit rain for crops
खेतों में लहरा रही सरसों की फसल। - फोटो : अमर उजाला

गेहूं, सरसों, मटर के लिए अमृत वर्षा 

हल्की बारिश का खेती किसानी पर भी बहुत असर देखने को मिलेगा। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार गेहूं, सरसों, मटर आदि फसलों के लिए तो इस समय बारिश अमृत की तरह है। इससे उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन अधिक नमी और पहले से सिंचाई की गई फसलों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि रबी सीजन के प्रमुख फसल गेहूं, सरसों, चना, मटर सहित आलू, टमाटर, गोभी जैसी सब्जियों के लिए मंगलवार को हुई बारिश अमृत वर्षा की तरह रही। जबकि अधिक नमी या हाल ही में सिंचाई की गई फसलों के लिए हानिकारक हो सकती है। उधर कृषि रक्षा इकाई काशी विद्यापीठ के प्रभारी अवधेश कुमार का कहना है कि मंगलवार को हुई बारिश दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए फायदा ही फायदा है।

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