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मासूम को पिता के सामने पटकता रहा तांत्रिक चाचा, बोला- हम कर देंगे जिंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:02 PM IST
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मृतक आशीष का आधार कार्ड
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस में डेढ़ माह पहले हुई मासूम की हत्या को लेकर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। हत्या का कारण सामने आने पर हर कोई हैरान है। लोगों का कहना है कि क्या कोई ऐसा भी कर सकता है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दानूपुर गांव की बनवासी बस्ती के चार वर्षीय आशीष उर्फ आकाश बनवासी की मौत तंत्र पूजा के दौरान जमीन पर बार-बार पटके जाने के कारण हुई थी। आशीष की मौत हो गई तो तांत्रिकों ने उसे पुन: जिंदा करने के लिए शव को घर में छुपा लिया। जब आशीष को जिंदा करने में सफलता नहीं मिली तो उसके अपहरण और हत्या की झूठी कहानी रच कर शव को फेंक दिया गया।
यूपी पुलिस
शहर के जंसा थाना अंतर्गत दानूपुर गांव में सात जून की शाम मोहन बनवासी के घर आई बारात के दौरान उसके बेटे आशीष के गायब होने की बात सामने आई। आठ जून की सुबह आशीष का शव घर से कुछ दूरी पर मिला। मामले को लेकर मोहन ने जंसा थाने में अपने छोटे भाई की पत्नी मंजू और उसके पिता द्वादशी सहित अन्य के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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बलि का हो गया था इंतजाम
क्षेत्राधिकारी सदर अंकिता सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि बच्चे की मौत उसके शव मिलने से तीन दिन पहले हुई थी। थानाध्यक्ष जंसा ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि आशीष की तबीयत खराब हुई थी। आशीष की तबीयत तांत्रिक राजेश अपने तांत्रिक गुरु के साथ तंत्र विद्या के सहारे ठीक कर रहा था। इस दौरान आशीष को जमीन पर कई बार पटका गया तो सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई थी।
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TANTRIK
इसके बाद राजेश और उसके गुरु ने मोहन से कहा कि बच्चे को हम जिंदा कर देंगे और तुम जाकर अपनी बहन की शादी की तैयारी देखो। मोहन अपने भाई और उसके गुरु की बातों में आकर घर चला गया। इस बीच दोनों आशीष का शव छुपा कर रखे रहे और सात जून की रात उस पर चाकू से वार कर और तेजाब उड़ेल कर हत्या का रूप देते हुए शव फेंक दिए।