फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वाराणसी : हर तरफ गूंजा नबी-नबी, आमद ए मुस्तफा की खुशी में झूमे, तरक्की और शांति के लिए की दुआख्वानी

Fri, 30 Oct 2020 09:50 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Fri, 30 Oct 2020 09:50 PM IST
विज्ञापन
Varanasi: Nabi-Nabi everywhere, swing in the happiness of Amad-e-Mustafa, pray for progress and peace
पैगंबर ए हजरत मोहम्मद की पैदाइश पर की गई दुआख्वानी। - फोटो : अमर उजाला।

इस्लाम धर्म के पैगंबर ए हजरत मोहम्मद की पैदाइश पर सारा जहां रौशन हो उठा। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जुमेरात से ही नबी के जश्न का आगाज हो गया। मुस्लिम बाहुल्य इलाके नातिया कलाम की गूंज और सजावट से रौशन हो उठे। हर तरफ नबी-नबी की ही गूंज सुनाई दे रही थी। दिन चढ़ने के साथ ही नबी का जश्न अपने शबाब पर था। मस्जिदों में मुल्क की तरक्की और शांति के लिए सामूहिक दुआख्वानी की गई।

Varanasi: Nabi-Nabi everywhere, swing in the happiness of Amad-e-Mustafa, pray for progress and peace
पैगंबर ए हजरत मोहम्मद की पैदाइश पर की गई दुआख्वानी। - फोटो : अमर उजाला।

शुक्रवार को सामूहिक दुआख्वान की सदारत काजी ए शहर मौलाना गुलाम यासीन व निजामत मौलाना शकील अहमद ने किया। पैगंबर ए इस्लाम हजरत मुहम्मद मुस्तफा की यौमे पैदाइश की खुशी अकीदत के साथ मनाई गई। मुस्लिम इलाकों में रौनक देखते ही बन रही थी। कोरोना संक्रमण के कारण जुलूस तो नहीं निकले, लेकिन मस्जिदों और मोहल्लों में आयोजन किए गए। वहीं उलमा ए कराम ने तकरीर कर युवाओं को नबी की सीरत के अनुसार जिंदगी गुजारने की नसीहत दी। 

Varanasi: Nabi-Nabi everywhere, swing in the happiness of Amad-e-Mustafa, pray for progress and peace
पैगंबर ए हजरत मोहम्मद की पैदाइश पर की गई दुआख्वानी। - फोटो : अमर उजाला।

फज्र की नमाज के बाद मस्जिदों में कुरआनख्वानी हुई और महफिल सजाई गई। रेवड़ी तालाब नगीना वाली मस्जिद के मैदान में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जलसा आयोजित हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस और साफ-सफाई बरतने की बात कही। इस दौरान मौलाना जमील अहमद, मौलाना डॉ. शफीक अजमल, मौलाना डॉ. कमालुद्दीन, मौलाना अबू शहमा, मौलाना तारिक अंजुम आदि ने तकरीर की। मोहम्मद जकी रजवी ने नातिया कलाम पेश किया। रातभर नातिया कलाम पेश करने का सिलसिला चलता रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Varanasi: Nabi-Nabi everywhere, swing in the happiness of Amad-e-Mustafa, pray for progress and peace
पैगंबर ए हजरत मोहम्मद की पैदाइश पर की गई दुआख्वानी। - फोटो : अमर उजाला।

एखलाक के बूते फैलाया इस्लाम 
जलसे के दौरान उलमा ए कराम ने कहा कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हजरत मुहम्मद की पैदाइश अरब के मक्का शहर में 571 ईस्वी को हुई थी। नबी की पैदाइश की याद में ही ईद मिलादुन्नबी का पर्व पूरी दुनिया में मनाया जाता है। हजरत मुहम्मद सल्ल. ने मोहब्बत, एखलाक और खुलूस से इस्लाम को इस तरह सींचा की आज पूरी दुनिया में उम्मत-ए-मोहम्मदिया फैली  हुई है। नबी ने अपनी उम्मत को जो भी हुक्म दिया, उससे पहले उस पर खुद अमल किया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed