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बस एक क्लिक में पढ़िए वाराणसी फ्लाईओवर हादसे से जुड़ी सारी बातें, घटना का कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 17 May 2018 02:18 PM IST
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वाराणसी में मंगलवार की शाम निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में 18 लोगों की जान चली गई और करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच शुरू हो गई है। हादसे के कारण के कुछ प्रमुख पहलू सामने आए हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें..
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हादसों से निपटने के लिए प्रशासन का कंटीजेंसी प्लान होता है। प्रशासन समय समय पर मॉक ड्रिल भी करता है। मगर बनारस का दुर्भाग्य कि यहां कोई कार्ययोजना नहीं थी। विशालकाय बीम के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए ना तो समय से जेसीबी पहुंची, न अधिकारी और न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम। हृदय विदारक घटना के बाद जब अधिकारी मौके पर पहुंचे भी तो जेसीबी के अलावा किसी तरह का संसाधन नहीं होने से राहत कार्य कामचलाऊ ढंग से ही शुरू हुए। आम लोगों ने ही पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली।
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वाराणसी के चौकाघाट फ्लाईओवर हादसा लापरवाही और प्रशासनिक चूक के कारण हुआ है। इसका निर्माण शुरू होने से ही यहां लगातार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती रही है। सेतु निगम की निगरानी में इसका निर्माण सितंबर, 2015 से शुरू कराया गया है। 2019 मार्च में इसे पूरा करना था लेकिन वाहनों के दबाव का हवाला देकर काम को अक्तूबर, 2019 में पूरा करने की मियाद बढ़ाई गई थी।
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कई बार प्रशासन को चेताया गया कि रूट डायवर्जन करके यहां निर्माण कराया जाए नहीं तो हादसा हो सकता है। हर समय इस मार्ग पर आवाजाही के बावजूद फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान न तो रूट डायवर्ट किया गया और न ही सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया। ताक पर सुरक्षा मानकों को रखकर हो रहे निर्माण में तकनीकी दिक्कत के चलते हादसा हुआ है।
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जानकारों की मानें तो जहां इस तरह का निर्माण होता है, उस पूरे इलाके को सील कर दिया जाता है। निर्माण कार्य से चार चार फीट दाएं-बाएं बैरिकेडिंग की जाती है। आवागमन को सीमित कर दिया जाता है। वहां लाल झंडे, लाल लाइट लगाई जाती हैं। यहां ऐसा सुरक्षा मानक नहीं थे। यही नहीं, जहां वाहनों का दबाव अधिक होता है, वहां रात में काम कराया जाता है। नियमानुसार दिन में काम वहीं कराना चाहिए, जहां जगह मिलती हो और किसी की जान के लिए खतरा न हो।