डी-22 गैंग का बदमाश और वाराणसी के मंडुवाडीह थाने का हिस्ट्रीशीटर विनोद भारती सोमवार रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। जबकि बाइक पर सवार साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। क्राइम ब्रांच और कई थानों की घेराबंदी के बाद हुई मुठभेड़ में विनोद के बाएं पैर में गोली लगी है। पुलिस ने मौके से तीन खोखा और 315 बोर का कट्टा बरामद किया। बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में बदमाश को भर्ती कराया गया। विनोद पर शहर के विभिन्न थानों में 40 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
रात लगभग दस बजे के आसपास पुलिस को सूचना मिली कि सफेद रंग की अपाचे बाइक से दो बदमाश रथयात्रा से गुजरने वाले हैं। सूचना पर क्राइम ब्रांच और भेलूपुर थाने की पुलिस रथयात्रा चौराहे के पास चेकिंग शुरू की। इसी बीच रथयात्रा चौराहे से सफेद रंग की अपाचे बाइक गुजरी तो पुलिस ने पीछा किया। कमच्छा की ओर भागते समय बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने क्राइम ब्रांच टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। देखें अगली स्लाइड्स...
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घटनास्थल पर पड़ा तमंचा और कारतूस।
- फोटो : अमर उजाला
क्राइम ब्रांच की जवाबी फायरिंग में पीछे बैठे बदमाश के बाएं पैर में गोली लगते ही पावर हाउस के बाहर बाइक सहित गिर पड़ा। इस दौरान बाइक चला रहा साथी बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर विनायका की ओर भाग निकला। वहीं गोली लगने से घायल बदमाश की पहचान मंडुवाडीह थाना अंतर्गत आदर्श नगर कालोनी निवासी विनोद भारती के रूप में हुई।
पुलिस ने उसे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा भिजवाया, जहां से चिकित्सकों ने उसे बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। उधर, फरार भेलूपुर निवासी बदमाश की गिरफ्तारी के लिए लंका, भेलूपुर, सिगरा और मंडुवाडीह थाना की पुलिस ने देर रात तक चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि बदमाश के ऊपर 40 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
17 साल पहले दर्ज हुआ था पहला मुकदमा
मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर विनोद भारती पर 17 साल पूर्व पहला मुकदमा हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था। वह महिलाओं से चेन स्नैचिंग, असलहा दिखाकर छिनैती और व्यापारियों को निशाना बनाता था। पिछले दिनों शहर में हुई लूट, स्नैचिंग की घटनाओं में सफेद रंग की अपाचे बाइक की जांच कराई गई तो पता चला कि जेल से छूटकर बाहर आए विनोद भारती की है।
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varanasi encounter
- फोटो : varanasi encounter
इसके खिलाफ लंका में 18 मुकदमे, भेलूपुर में तीन, लक्सा में पांच, मंडुवाडीह में चौदह मुकदमे दर्ज हैं। पहला मुकदमा 2004 में इसके खिलाफ मंडुवाडीह थाने में दर्ज हुआ था। इसके बाद से ताबड़तोड़ अपराध करता चला आ रहा है।