{"_id":"5af18bda4f1c1b6e098b8ac3","slug":"varanasi-all-chowks-showing-religion-and-culture-theme","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बदलता बनारसः शहर के चौराहों पर दिख रही धर्म संस्कृति की झलक, तस्वीरों में देखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदलता बनारसः शहर के चौराहों पर दिख रही धर्म संस्कृति की झलक, तस्वीरों में देखें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 11 May 2018 11:00 AM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में शुमार काशी धार्मिक राजधानी होने के साथ-साथ कला और संस्कृति की नगरी भी है। इसलिए इस शहर की बनावट और इसकी आबोहवा भी हर शहर से जुदा है। इस शहर की धर्म-संस्कृति के बारे में पर्यटकों को बताने के लिए नगर निगम ने नई पहल की है। यहां आने वाले पर्यटकों को इससे निश्चित ही फायदा होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी नगर निगम की ओर से शहर के चौराहों को उस हिसाब से ही बनाया गया है, जो देखते ही लोगों को इस शहर के बारे में पता चल जाता है।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
शहर के गोदौलिया चौराहे पर जहां नंदी बैल द्वादश ज्योतिर्लिंग के काशी विश्वनाथ मंदिर को धार्मिकता से जोड़ता है, वहीं गुरुधाम चौराहे पर आराम की मुद्रा में बैठा सांड शहर के पशु प्रेमी होने का संदेश देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं, पिपलानी कटरा पर कबीरपंथी को दर्शाता है तो मैदागिन चौराहा शहर की बुनकर कारीगरी के बारे में बताता है। गाजीपुर गोरखपुर की ओर से जैसे ही पर्यटक आशापुर चौराहे पर पहुंचते हैं, वहीं अशोक स्तंभ मौर्य वंश के बारे में बताता है। कुल मिलाकर शहर के चौराहे ही काफी सारी चीजें बताते हैं।
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
काशी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन यात्रियाें को एयरपोर्ट जैसी भव्यता का एहसास कराएंगे। कैंट और मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन को इसी तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।कैंट रेलवे स्टेशन हो या मंडुवाडीह, उनके प्लेटफार्मों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।