देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत का पहला बर्थडे मंगलवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर मनाया गया। इस दौरान पूरी ट्रेन को बैलून से सजाकर आकर्षक किया गया। कैंट से नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को गुलाब और बच्चों में चाकलेट-बिस्किट का वितरण कर खुशी मनाई गई। रेल प्रशासन के इस व्यवहार से यात्रियों में हर्ष का माहौल रहा।
वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 15 फरवरी और कामर्शियल शुभारंभ 17 फरवरी 2019 को किया गया था। सप्ताह में पांच दिन चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों को सफलता के एक साल पूरा होने पर मैसेज और मेल के जरिए शुभकामनाएं दी गई। नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को एडीआरएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी, स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने पुष्प गुच्छ भेंट किया।
वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली और वाराणसी के बीच की दूरी 8 घंटे में पूरी करती है और हर सोमवार व गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में पांच दिन चलती है। रेलवे नई दिल्ली मंडल के अनुसार वंदे भारत ने साल भर में 92.29 करोड़ राजस्व के रूप में आय अर्जित की।
एक साल में 25 बार किया सफर, रेलवे ने जताया आभार
लहरतारा के पृथ्वीनाथ तिवारी ने बताया कि यह अजब संयोग है। जब 17 फरवरी को ट्रेन का शुभारंभ हुआ तो कैंट से नई दिल्ली पहला यात्री बनकर गया। एक साल पूरा हुआ तो नई दिल्ली से बनारस इसी ट्रेन से आया। एक साल में 25 बार इस ट्रेन में सफर किया। एग्जिक्यूटिव क्लास में सफर पर रेलवे बोर्ड ने मोबाइल पर मैसेज भेजकर आभार भी जताया है। कैंट स्टेशन पहुंचने पर रेल अधिकारियों ने बुके देकर स्वागत किया।
एक साल में नहीं हुई एक दिन भी रद्द
भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस ने अपनी किसी भी यात्रा फेरे को रद्द किए बगैर अपनी शानदार सेवा का एक वर्ष पूरा किया है। उत्तर रेलवे का दिल्ली मंडल, इस ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रहा है। वंदे भारत में रैक का निर्माण, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई द्वारा अक्टूबर 2018 में किया गया था।