शायर जिगर मुरादाबादी ने क्या खूब लिखा है! ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है। सच में प्यार करना आसान है, लेकिन उसे निभाना मुश्किल है। इस प्यार के रास्ते में समाज सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आता है। लेकिन दिवानों का क्या है प्यार किया कोई चोरी नहीं और प्यार के लिए दुनिया के सभी बाधाओं को पार कर एक दूजे के सात जन्मों के लिए हो जाते है। इस वेलेंटाइन कुछ ऐसी ही लव स्टोरी पढ़िए जिन्होंने जमाने से लड़ कर अपने प्यार को मुकाम तक पहुंचाया है। आगे की स्लाइड्स में देखें कुथ ऐसी ही जोड़ियों को...
वाराणसी के बड़ा लालपुर निवासी प्रिया सैनी और नीरज मौर्या की मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी। दोनों ने एक दूसरे को पसंद किया, और फिर क्या था प्रिया ने नीरज के बर्थ डे पर उनको प्रपोज कर दिया। नीरज ने जब अपनी पसंद परिवार को बताई तो परिवार वाले इस शादी से मना करने लगे। लेकिन नीरज मन ही मन प्रिया को पत्नी बनाने वादा कर चुके थे। दोनों ने एक दूसरे का साथ दिया और आखिरकार नीरज का परिवार इस शादी के लिए राजी हो गया और 22 फरवरी 2016 में इनकी शादी हुई। प्रिया बताती है कि हम दोनों पति पत्नी के रिश्ते निभाने से पहले एक दूसरे के अच्छे दोस्त है। सारी परेशानियां साथ में शेयर करते है और आज दोनों काफी खुश है।
नगवा निवासी प्रियंका राय 20 साल पहले कॉलेज के दिनों में विरेंद्र से मिली थी। दोनों में इजहार हुआ और प्यार हो गया। विरेंद्र ने प्रियंका को प्रपोज करने में पांच साल लगा दिया। प्यार के साथ कुछ परेशानियां भी शुरू हुई। प्रियंका भूमिहार परिवार से है तो पिता ने विरेंद्र से शादी के लिए मना कर दिया। लेकिन दोनों अपने परिवार को मनाने में लगे रहें। बड़ी मशक्कत के बाद दोनों की शादी हुई। अब प्रियंका के परिवार में विरेंद्र सबसे लाडले दामाद है। प्रियंका बताती है आज भी शादी के इतने दिनों के बाद भी हम दोनों में कॉलेज लाइफ की तरह प्यार भरी नोकझोंक होती रहती है।
चितईपुर निवासी पल्लवी शर्मा कृष्ण कुमार शर्मा दुर्गापुजा के दौरान मिले और दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया। दोनों करीब के रिश्तेदारी में भी, इसलिए पल्लवी के परिवार ने शादी के लिए मना कर दिया। लेकिन दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और आठ साल तक परिवार वालों को मनाने का सिलसिला चलता रहा। आज इनकी शादी को 26 साल हो चुके है। पल्लवी बताती है हम दोनों के रिश्ते में आज भी वहीं मिठास और विश्वास बरकरार है।
भेलूपुर निवासी देवांग शाह और शैली शाह पहली बार एक रेस्टोरेंट में मिले थे। जिसके बाद उनकी दोस्ती पांच साल तक चलती रहीं। इस बीच शैली के पिता का देहांत हो गया, तभी देवांग को शैली से प्यार का एहसास हुआ, और उन्होंने शैली को अपने परिवार से मिलवाया। देवांग का परिवार को तैयार हो गया, लेकिन शैली के परिवार को इस शादी को स्वीकार करने में थोड़ा समय लगा। दोनों ने छह महीने तक अपने परिवार को मनाया और आज दोनों ग्यारह साल से साथ है। देवांग बताते है हम दोनों की बीच काफी अच्छी तालमेल है।