लोकतंत्र का खूबसूरत रूप देखना हो तो मतदान वाले दिन बूथों पर पहुंच जाइए। हर हाल में अपने अधिकार का बखूबी उपयोग करते लोगों में आपको लोकतंत्र के विविध रंग देखने को मिलेंगे। गुरुवार को यूपी निकाय चुनाव के पहचल चरण के मतदान में ऐसा ही नजारा दिखा।
वाराणसी, गाजीपुर और चंदौली में नोकझोंक की छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हुआ। दिन चढ़ने के साथ ही मतदाता केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। दिव्यांगों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं में मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिला। वाराणसी के खोजवां मखोजवा में शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन भी मतदान करने पहुंचे।
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मतदान केंद्र के बाहर का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों में सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ, लेकिन केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या बेहद कम दिखी। दिन चढ़ने के साथ ही ककरमत्ता, सुंदरपुर, महमूरगंज, अस्सी, नगवां, डाफी, बीएचयू परिसर, चितईपुर, गांधीनगर, वरुणापार में महिला, बुजुर्ग और युवाओं की लंबी लाइन देखने को मिली। लोग परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे।
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निकाय चुनाव की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
नगर निकाय चुनाव में आधी आबादी ने भी अपना दमखम दिखाया। कामकाजी महिलाओं के साथ ही गृहिणियां मतदान केंद्र पर पहुंची और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपने मुद्दे पर वोट दिया। अब जितने वाले प्रत्याशियों को अपने बताए एजेंडे पर काम करना चाहिए।
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निकाय चुनाव की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं ने कहा कि बिना भेदभाव हर वर्ग के लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाए। इसके साथ ही शहर का विकास इस कदर हो की पूरे देश में वाराणसी को उदाहरण के तौर पर पेश किया जाएगा। महिलाओं ने सुरक्षा, गड्ढा मुक्त सड़कें, जाम से निजात, स्वच्छता और सुंदरता के मुद्दे पर वोट दिया।
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निकाय चुनाव की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
निकाय चुनाव में मतदाता सूची में गड़बड़ी से कई लोग मतदान से वंचित रह गए। कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब रहे। इसके अलावा कुछ मृत लोगों के नाम शामिल रहे, जबकि घर के बालिगों का नाम सूची में नहीं थे। यह स्थिति लगभग पूरे शहर में देखने को मिली।