81 दिनों से अपने आराध्य से दूर रहने की पीड़ा को मन में समेटे बाबा के भक्तों ने नम आंखों से काशीपुराधिपति का दर्शन किया। लंबे अंतराल के बाद भगवान विश्वेश्वर के दर्शन मिले तो कुछ भक्तों की आंखें भी छलक पड़ी। मन का गुबार हर-हर महादेव के जयघोष के साथ ही घुलता चला गया। भक्तों ने विश्व के नाथ बाबा विश्वनाथ से कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की।
मंगलवार को सुबह छह बजे से बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे तक 250 दर्शनार्थियों ने दर्शन किए। विश्वनाथ मंदिर खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग बाबा का दर्शन करने पहुंच गए थे। पुलिस ने सड़क पर ही कतार लगवाई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए थर्मल स्कैनिंग के बाद भक्तों ने मंदिर में प्रवेश किया।
पांचों पंडवा गेट पर हैंड सैनिटाइज करने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने दिया गया। पांचों पंडवा से होते हुए बद्रीनाथ प्रवेश द्वार से गर्भगृह के बाहर तक श्रद्धालुओं को जाने दिया गया। गर्भगृह के बाहर से ही झांकी दर्शन करने के बाद हनुमान द्वार से नंदी हाल होते हुए वापस ज्ञानवापी के गेट नंबर चार से बाहर निकलते रहे।
सुबह से शुरू हो दर्शन-पूजन का सिलसिला शयन आरती तक चलता रहा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह का कहना है कि पहले दिन भक्तों की भीड़ बेहद सामान्य रही। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक बार में सिर्फ पांच भक्तों को ही मंदिर परिसर में प्रवेश दिया गया।
मंदिर में प्रसाद और फूल-माला चढ़ाने की अनुमति नहीं है। जो भक्त बाबा को जल-दूध अर्पित करना चाह रहे हैं, उनके लिए बाहर पात्र में डालने की व्यवस्था की गई है। यह सीधे बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जा रहा है।
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काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : Amar Ujala
सतर्कता के साथ पांच मिनट में मिला बाबा का दर्शन
मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए नियमित आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक नया अनुभव था। कतार लगनी तो सामान्य सी बात थी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के साथ थर्मल स्कैनिंग और हैंड सैनिटाइजेशन का अनुभव नया था।
बाबा दरबार से दर्शन करके आने वाले श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और कहा कि बस पांच मिनट में ही बाबा के दर्शन मिल गए। साकेत नगर कालोनी से आए नलिन ने कहा कि 81 दिनों के बाद दर्शन मिलना सौभाग्य की बात है। आज मन उत्साह से भरा हुआ है। गोंडा से आए अमित अग्रवाल और पंकज गोयल ने बताया कि बाबा के दर्शन में कोई परेशानी नहीं हुई।