वाराणसी में गंगा की लहरों पर उतर रही मोटरबोट और क्रूज की रफ्तार पर लगाम लगाने की तैयारी है। सड़क नियमों की तरह गंगा में पूरी तरह ट्रैफिक प्लान लागू करने की तैयारी है। इसमें बीच गंगा में डिवाइडर बनाकर आवाजाही के लिए दो लेन बनाए जाएंगे। एक तरफ की लेन राजघाट से अस्सी तक होगी और दूसरी अस्सी से राजघाट जाएगी। देखें अगली स्लाइड्स...।
राजघाट से अस्सी घाट के बीच बनने वाली टू लेन सात किलोमीटर लंबी होगी। इसमें यू-टर्न के लिए डिवाइडर के बीच में जगह-जगह व्यवस्था होगी। मार्च से लागू होने वाले इस प्लान में जल पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ाई जाएगी और चार नावों से उन्हें सुबह से शाम तक गश्त कर नियमों का पालन कराना होगा।
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राजमहल क्रूज
- फोटो : अमर उजाला
गंगा में चलने वाली डीजल और अन्य ईंधन से चलने वाली नावों को सीएनजी में कन्वर्ट करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। सीएनजी नावों के गंगा में आने से उनकी रफ्तार भी बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा क्रूज, रो पास और रो रो सर्विस भी गंगा में शुरू करने की तैयारी है। गंगा में नाव और क्रूज की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन गंगा में पूरी तरह ट्रैफिक प्लान लागू करने की तैयारी में है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देव दीपावली पर काशी आगमन के दौरान गंगा में बने रूट को काफी सराहा गया था। उसी प्लान को अब पूरी तरह लागू किया जाएगा।
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अस्सी घाट
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लहरों पर हिचकोले लेगा चेजिंग रूम
क्रूज और रो पास संचालन के साथ ही प्रशासन अस्सी घाट पर फ्लोटिंग चेंजिंग रूम बनाने की तैयारी में है। यह घाट के किनारे जेटी की तरह पानी में तैरता होगा। गंगा स्नान करने वाले सैलानी और श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
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कमिश्नर दीपक अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि गंगा में नौकायन और क्रूज आदि के संचालन से जल परिवहन का दबाव बढ़ा है। गंगा में फ्लोटिंग डिवाइडर से दो लेन बनाया जाना है। इसमें यू टर्न के लिए व्यवस्था होगी। जल पुलिस को प्रशिक्षित कर नए ट्रैफिक प्लान को पूरी तरह से अमल कराया जाएगा।