फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

क्या आपकी कुंडली में है मंगल दोष, ये हैं निवारण के कुछ सरल उपाय

Tue, 08 May 2018 10:52 AM IST
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला,वाराणसी
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 08 May 2018 10:52 AM IST
विज्ञापन
these are some remedies for mangal dosha in kundali
kundali - फोटो : facebook
विवाह के दौरान मांगलिक दोष की बाधा कई युवक-युवतियों को परेशान कर सकती है। यह दोष इतना बड़ा है कि यह आपके वैवाहिक जीवन को अशांत कर सकता है और जीवन साथी को पीड़ित भी। हालांकि काशी के ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। बस कुछ सरल उपाय से मंगलदोष का निवारण किया जा सकता है। आगे की स्लाइड्स में देखें...


 
these are some remedies for mangal dosha in kundali
marriage
भगवान भाष्कर के उत्तरायण होने के साथ ही शुभ कार्य आरंभ हो चुके है। हालांकि शुक्र  के अस्त होने के कारण विवाह आदि के कार्य फरवरी माह से आरंभ होंगे। जून माह तक 40 से अधिक लग्न की शुभ तिथियां निर्धारित की गई हैं। वहीं वर्ष के उत्तरार्ध में लग्न का टोटा है। जाड़े में एक भी लग्न नहीं होने के कारण लोगों को निराशा हो सकती है।
 
these are some remedies for mangal dosha in kundali
kundali dosh

श्री काशीविद्वत परिषद के संगठन मंत्री और प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि  शास्त्र के अनुसार द्वादश लग्न, चतुर्थ, सप्तम और अष्टम भाव में मंगल के बैठने से मांगलिक दोष उत्पन्न होता है लेकिन जिस भाव में वर की या कन्या की कुंडली में मंगल बैठा हो उसी भाव में वर या कन्या की कुंडली में अगर कोई पापक ग्रह बैठा होता है तो मंगल दोष का स्वत: परिहार हो जाता है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
these are some remedies for mangal dosha in kundali
kundali - फोटो : facebook

उन्होंने कहा कि अगर जातक में मांगलिक दोष है तो कुछ सरल उपाय जैसे की भगवान शिव की आराधना और काशी के ठठेरी बाजार स्थित मां मंगलागौरी के दर्शन मात्र से ही दोष कम होने लगता है। बात करें रत्नों की तो यह शास्त्रों में उल्लिखित है कि ग्रहाणां तुष्टे रत्नं अर्थात रत्न का धारण ग्रहों की तुष्टि के लिए किया जाता है। 
 
विज्ञापन
these are some remedies for mangal dosha in kundali
सूर्य उपासना

जो लोग रत्न धारण करने में अक्षम हो उन ग्रहों के देवताओं के पूजन मात्र से ही ग्रहजनित पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है। सूर्य के  लिए सूर्य, चंद्र के लिए चंद्र, मंगल के लिए बजरंग बली, बुध के लिए गणेश जी, बृहस्पति के लिए भगवान विष्णु, शुक्र के लिए मां लक्ष्मी, शनि के लिए पीपल वृक्ष की आराधना करनी चाहिए। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed