जब लोग कोरोना के नाम से ही डर जाते थे। उस समय न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि पुलिस विभाग से जुड़े लोगों ने बिना किसी डर के सेवा की। इसमें शहर की कई सामाजिक संस्थाओं ने भी सहयोग किया। यही वजह है कि कोरोना पर काबू पाने की खुशियां भी दोगुनी होती जा रही है।
संकट के समय परीक्षा में पास होकर देश और प्रदेश दुनिया में रोल मॉडल: वाराणसी कमिश्नर
अमर उजाला की ओर से कोरोना योद्धाओं का सम्मान करने का यह पहल सराहनीय है। इससे न केवल कोरोना योद्धाओं का आत्मबल बढ़ेगा बल्कि और लोगों के लिए भी प्रेरणादायी कदम होगा। इस तरह के आयोजन की जितनी सराहना की जाए वह कम है।-दीपक अग्रवाल, कमिश्नर
इनको मिला काशी कोरोना योद्धा सम्मान
जीवनंदन झा-काशी अन्नपूर्णा क्षेत्र, अन्नपूर्णा मठ मंदिर
पवन अग्रवाल-मारवाड़ी युवक संघ
हितेश मुरारका-मारवाड़ी युवा मंच काशी रामकटोरा
डॉ. रामनारायण यादव-सचिव अरुणोदय समग्र विकास समिति
अमन कबीर-समाज सेवी
मनीषा अग्रवाल-विदुषी महिला मंडल चौक
समाज सेवा
इंस्पेक्टर सिगरा आशुतोष कुमार ओझा
इंस्पेक्टर जैतपुरा शशिभूषण राय
इंस्पेक्टर कैंट राकेश कुमार सिंह
चौकी प्रभारी चौकाघाट धर्मराज सिंह
चौकी प्रभारी कैंट रोडवेज मिर्जा रिजवान बेग
चौक्ी प्रभारी दुर्गाकुंड प्रकाश सिंह
चौकी प्रभारी पांडेयपुर राजकुमार पांडेय
स्वास्थ्य विभाग
डॉ. सौरेंद्र चक्रवर्ती-एडिशनल सीएमओ
डॉ.पीयूष राय-डिप्टी सीएमओ
डॉ.पीके सिंह-फिजिशियन, दीनदयाल अस्पताल
डॉ. यतीश भुवन पाठक-पीएचसी प्रभारी सेवापुरी
डॉ. सौम्या नवल-प्रभारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माधोपुर सिगरा
डॉ. अतुल कुमार सिंह-मेडिकल आफिसर
डॉ. दीपिका चतुर्वेदी-चिकित्साधिकारी,सीएचसी मिसिरपुर
कृष्णकांत राय-सहायक मलेरिया अधिकारी
बलवंत चौधरी-लैब टेक्नीशियन
संजय कुमार साहू-आशुलिपिक, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय
संजय कुमार-क्षेत्र सेवक, मलेरिया विभाग
हैदर-- सपोर्ट स्टाफ
विजय कुमार-सीएमओ कार्यालय
इनका रहा विशेष सहयोग
संत अतुलानंद कान्वेंट स्कूल, पॉपुलर मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, किसान पशु आहार, एपेक्स हॉस्पिटल, श्री सांई बाबा इंफ्राटेक, एलआईसी, इको प्लस सीमेंट, होटल सुरभि इंटरनेशनल, शीएट पब्लिक स्कूल, लीडर्स एडयूकेटस,सेठ एमआर जैपुरिया स्कूल, डॉ. गंगा सहाय पांडेय फाउंडेशन और वेन्यू पार्टनर होटल रिजेंसी।
कविताओं से कवियों ने नारी सशक्तीकरण, देश प्रेम का बांटा संदेश
अमर उजाला काशी कोरोना योद्धा सम्मान की शाम को कवियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से यादगार बना दिया। बाराबंकी से काशी में आए कवि प्रियांशु गजेंद्र ने बाबा की धरती पर आकर अपने को सौभाग्यशाली बताया। प्रियांशु ने अपनी कविता सबकुछ खोकर मैंने केवल इतना पाया प्यार में। रात रात भर तुमको गाया, सुबह छपे अखबार में।
के माध्यम से प्रेम का भाव प्रदर्शित किया। इंदौर से आईं कवियत्री डॉ. भुवन मोहिनी ने अपनी कविता तना हो सर पे जब छप्पर तो सावन क्या बिगाड़ेगा, दुपट्टा हो बदन पे जो, दुशासन क्या बिगाड़ेगा। नारी सशक्तीकरण की मिसाल पेश की इसके साथ ही एक अधूरी कहानी तो मुझमे भी है, धड़के दिल जो जवानी तो मुझमे भी है।
तुम जो छू लो शिवाला बनू प्रेमका एक मीरा दीवानी तो मुझमें भी है। उधर बनारस के युवा कवि दमदार बनारसी ने आईए मिलके हम स्वदेश का उत्थान करें, हो के दूर खामियों से राष्ट्रगान करें के माध्यम से देशभक्ति की अलग जगाई। कवियों की हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने भी उनका तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।