सोनभद्र के घोरावल थानाक्षेत्र के मूर्तिया (उभ्भा) गांव में 17 जुलाई को हुए नरसंहार ने धीरे-धीरे सियासी रंग ले लिया है। बीते बुधवार की दोपहर में सौ बीघा विवादित जमीन को लेकर गुर्जर और गोड़ बिरादरी में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान फायरिंग के साथ जमकर लाठी-डंडे और फावड़े भी चले। इसमें10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। अब तक इस मामले से जुड़ी जानिए अहम बातें। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
सोनभद्र के घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को दो पक्षों में वर्षों से जमीनी विवाद में 3 महिलाओं समेत 10 लोगों की हत्या कर दी गई। इसके अलावा 28 लोग घायल हो गए थे। मौके पर फायरिंग होने के साथ लाठी-डंडे और फावड़े भी चलने से गई लोगों की जान और घायल हुए।
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मुख्य आरोपी यज्ञदत्त गुर्जर (गले में गमछा) उसका भाई (सिर पर गमछा)।
- फोटो : अमर उजाला
इस खूनी संघर्ष में 18 जुलाई को पुलिस ने मृत रामसुंदर के पुत्र लल्लू की तहरीर पर 28 नामजद, 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें 12 आरोपी बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। पुलिस ने दो बंदूक और छह ट्रैक्टर बरामद किए थे।
इसके बाद 19 जुलाई को प्रशासन ने घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका में धारा 144 लागू कर दी। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया था कि पूरे जिले में 12 सितंबर तक धारा 144 लागू रहेगी।
19 जुलाई को आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री विजय सिंह गोड़ को पुलिस ने कोतवाली में पांच घंटे नजरबंद कर दिया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि विजय गोड़ घोरावल तहसील के मूर्तिया(उभ्भा) जाने वाले हैं। पुलिस ने उन्हें सुबह 10 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक कोतवाली में नजरबंद रखा। उनके साथ मूर्ता गांव के प्रधान रामचंद्र गोड़ भी कोतवाली में रहे। तीन बजे के बाद विजय गोड़ को मझौली स्थित घर जाने की इजाजत दी गई। उनके आवास पर पुलिस और पीएसी बल तैनात रही।