प्राकृतिक सुषमा से भरपूर यूपी का सोनभद्र जिला राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यह जिला, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को अपने आप में समेटे है। यहां की गुफाओं से रामायण काल की यादें जुड़ी है। अनपरा से महज चालीस से पचास किमी की दूरी पर रामायण काल के जीवंतता की जीती-जागती प्रमाण माड़ा की गुफाएं है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरे..
माड़ा की गुफाएं सातवीं-आठवीं सदी की शैलोत्कीर्ण रॉक कट गुफाएं हैं जिनकी तुलना अजंता और एलोरा की गुफाओं से की जाती है। यह राक कट गुफाएं भारत की प्राचीन धरोहर है। जानकार इनमें मानव सभ्यता का इतिहास छुपे होने का दावा करते हैं। जंगल के बीच स्थित माड़ा गुफा के अलग-अलग हिस्से को रावण माड़ा, विवाह माड़ा, शंकर माड़ा, जलजलिया माड़ा, गणेश माडा आदि नाम से जाना जाता है।
अनपरा से महज चालीस से पचास किमी की दूरी पर रामायण काल के जीवंतता की जीती-जागती प्रमाण माड़ा की गुफाएं है। यह गुफाएं अब बिल्कुल बदहाल हो चुकी है। मान्यता है कि रावण ने मंदोदरी के साथ इन्हीं गुफाओं में गंधर्व विवाह रचाया था। रावण माड़ा नामक गुफा में नटराजन की नृत्य करती मूर्ति, पत्थर ढोते वानरों के चित्र, देवी देवताओं के चित्र के साथ बने रहन सहन कक्ष भी प्राचीन सभ्यता की कहानी कहते नजर आते हैं।
माड़ा से चंद किमी की दूरी पर झिग्गा झरिया पर्यटन स्थल भी मन मोह लेता है। अखिल भारतीय उच्च तकनीकी शिक्षा एवं विकास समिति के अध्यक्ष एसके गौतम कहते हैं कि अगर पर्यटन कारीडोर विकसित कर दिया जाए तो जहां इसका सीधा वाराणसी से जुड़ाव हो जाएगा। वहीं ऐसे समय, जब बड़े शहरों में (बारिश के समय) पर्यटन उद्योग मंदी की मार झेलने होता है। उस समय यह बेहतर विकल्प साबित होगा।
अब सोनभद्र और सिंगरौली में पर्यटन कॉरीडोर बनाकर महत्वपूर्ण स्थलों को विकसित करने की मांग उठने लगी है। जिले से सटे सिंगरौली के माड़ा में रामायण काल की थाती संजोए माड़ा की गुफाओं का प्रमुखता से जिक्र करते हुए केंद्रीय पर्यटन संस्कृति राज्य मंत्री डा. महेश शर्मा को पत्र भेजकर पहल की मांग की गई है।