वाराणसी के कैंट थाने की एक दिन थाना प्रभारी सोनाली श्रीवास्तव ने गुरुवार को फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि फरियादी अपनी शिकायत या समस्या बताने में संकोच न करें। पुलिसकर्मी अपनापन दिखाते हुए फरियादियों से पेश आएं।
दरअसल, शुक्रवार यानी 20 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहल पर दुनिया भर के देशों में वैश्विक बाल दिवस मनाया जाता है। किशोरियों और महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए इन दिनों उत्तर प्रदेश में भी मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान को गति देने के क्रम में वैश्विक बाल दिवस की पूर्व संध्या पर सोनाली को कैंट थाने का एक दिन का प्रभारी बनाया गया। इस दौरान सोनाली ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और आजमगढ़ से घर छोड़ कर आई एक हमउम्र युवती को समझा-बुझाकर उसे उसके परिजनों को सौंपा। सोनाली के सहयोग के लिए कैंट थाने के निरीक्षक राकेश कुमार सिंह और प्रशिक्षु डिप्टी एसपी आस्था जायसवाल मौजूद रहीं।
स्नातक उत्तीर्ण सोनाली ने कहा कि वह शिक्षिका बनना चाहती थी। इसके लिए तैयारी भी कर रही हैं। वह खुद थाना और पुलिस शब्द सुन कर ही घबरा जाती थीं। जब वह थाने आईं और पुलिस की कार्यपद्धति को समझा तो उन्होंने भी ठान लिया है कि अब वह पुलिस अफसर ही बनेंगी और इसके लिए जीतोड़ मेहनत करेंगी।
उधर, इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिले की पुलिस रोजाना हरसंभव प्रयास कर रही है। उसी क्रम में यह एक नया प्रयास कर समाज में संदेश देने की कोशिश की गई है कि किशोरियां, युवतियां और महिलाएं अपने साथ होने वाले अन्याय को लेकर चुप्पी तोड़ें। पुलिस, थाना और चौकी को लेकर किसी भी तरह का संकोच न करें। जिले के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क सिर्फ और सिर्फ उन्हीं की शिकायतों के समाधान के लिए स्थापित किया गया है।