कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की वजह से हमारा बिछड़ा बेटा मिल पाया है। वह हमारे लिए देवदूत से कम नहीं हैं। वह पहल नहीं करतीं तो शायद मैं बेटे को दोबारा नहीं देख पाती। यह कहते-कहते राजेश की मां मीता सोनकर की आंखें छलछला उठीं। शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की पहल पर राजस्थान सरकार ने वाराणसी के औरंगाबाद निवासी दिव्यांग (मूक विमंदित) राजेश सोनकर को घर पहुंचाया।
प्रियंका गांधी की पहल पर मां से मिला बेटा, वाराणसी से भटक कर राजस्थान के बूंदी चला गया था राजेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sun, 04 Jul 2021 11:48 AM IST
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