{"_id":"5c49be47bdec2225060d73eb","slug":"some-interesting-glimpse-during-pravasi-bhartiya-sammelan-see-pictures","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तस्वीरें : प्रवासी भारतीय सम्मेलन के कुछ ऐसे नजारे, जिन्होंने सबको किया आकर्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तस्वीरें : प्रवासी भारतीय सम्मेलन के कुछ ऐसे नजारे, जिन्होंने सबको किया आकर्षित
Fri, 25 Jan 2019 11:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Jan 2019 11:22 AM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में जहां एक ओर बनारस की संस्कृति की झलक मिली। वहीं, दूसरी तरफ काशी का एक अलग ही रंग दिखा। काशीवासियों ने मेहमानों का स्वागत कुछ इस अंदाज में हुआ कि वो अपनी हंसी नहीं रोक सके। अगली स्लाइड्स में देखें...
varanasi
- फोटो : amar ujala
वाराणसी के सारनाथ से लेकर गंगा घाटों तक अलग-अलग वेशभूषा और रंग-रूप में लोग प्रवासी मेहमानों का स्वागत कर रहे थे। कोई गब्बर तो कोई यमराज का रुप धारण कर के मेहमानों को हंसाया।
varanasi
- फोटो : amar ujala
सबसे मजेदार बात तो यह थी कि ऐढ़े गांव की टेंट सिटी में एक जूता ऐसा था कि लोग उसे पहन नहीं रहे थे। बल्कि उसे यहां से वहां खिसका रहे थे। कई ने तो उसे इबनेबतूता का जूता तक कह दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
dance
- फोटो : amar ujala
अलग-अलग राज्यों से आए लोक कलाकारों के अस्सी से राजघाट तक छाऊ, ललिता घाट पर कालबेलिया नृत्य, करमा, बहरुपिया लोकनृत्यों के जरिए हिंदुस्तान भर की संस्कृति की झलक प्रवासी भारतीयों ने देखी।
विज्ञापन
dance
- फोटो : amar ujala
सनातनी परंपरा, शांति एवं सद्भाव का संदेश देने के लिए प्राचीन चेतसिंह घाट पर राम दरबार की झांकी सजी है तो रावण का भी दरबार सजा है। क्षीरसागर में भगवान विष्णु और लक्ष्मी की झांकी से लुभाया। पंचगंगा घाट पर कलाकारों ने पूर्वांचल के लोकगीत प्रस्तुत किए।