{"_id":"5c4992a2bdec2211ac1ae3f0","slug":"kashi-priest-predicted-about-pravasi-bhartiya-sammelan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"प्रवासी भारतीय सम्मेलन पर काशी के ज्योतिषियों की भविष्यवाणी, राशि-ग्रहों को लेकर बताईं ये बातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवासी भारतीय सम्मेलन पर काशी के ज्योतिषियों की भविष्यवाणी, राशि-ग्रहों को लेकर बताईं ये बातें
Fri, 25 Jan 2019 11:21 AM IST
shashikant misra
आलोक कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
आलोक कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Fri, 25 Jan 2019 11:21 AM IST
विज्ञापन
प्रवासी भारतीय दिवस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक हुए प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर काशी के ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की। आगे की स्लाइड्स में देखें...
jyotish prediction
काशी के ज्योतिषियों का मानना है कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन से काशी का चातुर्दिक विकास होगा और यहां की ख्याति संपूर्ण विश्व में फैलेगी। 21 से 23 जनवरी के दौरान ग्रहों की युतियां शुभ संयोग बना। बनारस और भारत की कुंडली के सुखद संयोग में हुए इस आयोजन से देश को मजबूती मिलेगी और नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
jyotish prediction
काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री आचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, बनारस की कुंडली में बृहस्पति एवं शुक्र का संचरण ख्याति देने वाला होगा। दोनों ग्रहों का संचरण वृश्चिक राशि में और दृष्टि वृषभ राशि पर है। यह युति बनारस के लिए सुखद परिणाम लेकर आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
राशिफल
- फोटो : ि
भारत की वृष लग्न और कर्क राशि है। राशि के अनुसार, बृहस्पति का संचरण वृश्चिक राशि पर है। भारत की राशि से पंचम बृहस्पति का संचरण खास है। बृहस्पति की पूर्ण दृष्टि भारत की राशि पर है। भारत की लग्न के अनुसार, जनता चतुर्थ भाव और प्रवासी भारतीय तृतीय भाव में है। कुंडली में बृहस्पति तुला का होकर तृतीय भाव में है।
विज्ञापन
kashi
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि माघ मास में आयोजित सम्मेलन राष्ट्र जागरण, सामाजिक समरसता तथा भारत की अखंडता में उल्लेखनीय योगदान देकर काशी की भौतिक उन्नति का सशक्त साधन बनेगा। वृश्चिक राशि का बृहस्पति, मकर राशि के सूर्य का संयोग काशी को विश्व पटल पर स्थापित करेगा।