आजमगढ़ जिले के मेंहनगर क्षेत्र में कस्बे के वार्ड तीन संत कबीरनगर निवासी महिला ने मंगलवार से सुबह अपने घर में ही साड़ी के फंदे से फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार, पति-पत्नी ने बैंक और समूह से ब्याज पर रुपये लेकर मिठाई की दुकान में लगाए थे।
लॉकडाउन से ही कारोबार ठप होने से ब्याज के रुपये अदा नहीं कर पा रहे थे। तगादा करने वालों का दबाव बढ़ रहा था। इसे परेशानी से तंग आकर महिला ने अपना जीवन समाप्त कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सुंदरी देवी(45) पत्नी सुनील मौर्य ने मंगलवार सुबह साढ़े 9 बजे अपने आवास में साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। उस समय पति सुनील मौर्य अपने बेटे और बेटी के साथ मिठाई की दुकान पर गए थे। सुबह घर का काम निपटा कर पत्नी दुकान नहीं पंहुची तो पति ने बेटे को आवास पर देखने के लिए भेजा।
बेटे ने कमरे का दरवाजा खोला तो देखा कि मां फांसी के फंदे से लटक रही है। रोते हुए बेटे ने इसकी सूचना पिता को दी। पिता और बेटी भी दुकान बंद कर घर की तरफ पंहुचे। किसी ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर पंहुची और शव को फंदे से उतार कर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा दिया। पति सुनील मौर्य ने बताया कि लॉकडाउन से ही मिठाई की दुकान घाटे में थी। इससे घर में आर्थिक स्थिति खराब थी।
ऊपर से बैंक का लोन और समूह द्वारा लिया रुपये का ब्याज बढ़ रहा है। तगादे से हम लोग परेशान हैं। इसी को लेकर पत्नी भी परेशान थी। शायद इसी से परेशान होकर ऐसा कदम उठा लिया। मृतका की दो लड़की है। इसमें एक की शादी हो गई है।