काशी में सोमवार को महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ की बारात निकली। कोई भूत, कोई पिशाच, कोई देव तो कोई स्वयं महादेव का रूप धरे बारात में शामिल हुआ। डमरू दल की अगवानी में निकली बारात में हर कोई झूमते, गाते और नाचते हुए चल रहा था। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...
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mahashivaratri varanasi
- फोटो : amar ujala
शिव के रंग में रंगी काशी और महादेव की बारात देखकर हर कोई झूम उठा। स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी इस अद्भुत बारात के साक्षी बने। बारात में शामिल हुए और नाचते गाते चलते रहे।
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तिलभांडेश्वर महादेव शिव बारात समिति के तत्वावधान में दोपहर बाद शिव बारात निकली। शिव बारात में हाथी, घोड़ा, ऊंट, नंदी बैल के साथ सपेरे, मदारी, भूत, पिशाच का रूप धरे लोग शामिल हुए। बारात पांडेय हवेली, देवनाथपुरा, पांडेयघाअ, राजाघाट, नारद घाट, केदारघाट, हरिश्चंद्र घाट, चेतसिंह किला से शिवाला सोनारपुरा, डेवढ़ियाबीर मंदिर होते हुए तिलभांडेश्वर मंदिर पहुंची।
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शिव बारात में डमरू दल सबसे आगे चल रहा था। डमरू की निनाद पर हर कोई थिरकते हुए बारात में शामिल हुआ। रास्ते भर हर-हर महादेव का नारा शिवभक्त लगाते हुए चल रहे थे। शिव बारात में विभिन्न देवी देवता स्वरूप धारण किए बाल वृंद भी शामिल रहे। तरह-तरह के लाग विमान भी बारात का हिस्सा रहे।
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बाबा के दर्शन पूजन के लिए भक्तों की अपार श्रद्धा काशी पहुंची। ऐसे में प्रशासन ने चारों ओर बैरिकेडिंग करा दिया था। प्रवेश द्वार तक जाने के लिए श्रद्धालु लक्सा से होते हुए गिरजाघर चौराहा गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध से होते हुए फिर गोदौलिया चौराहा, बांस फाटक होते हुए छत्ता द्वार से प्रवेश दिया जा रहा था।