काशी में जून और जुलाई, यानी बीते दो महीनों में जितनी बारिश हुई थी, उसका लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ एक ही दिन में दर्ज किया गया। काशी में मानसून के दौरान वर्षा का घाटा 42 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत रह गया। बुधवार को सुबह 11 बजे से दोपहर करीब तीन बजे तक 51 मिलीमीटर बारिश हुई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही। इसके बाद झांसी में 41 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
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वाराणसी में बारिश के बीच ट्रैफिक जाम
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बारिश के कारण शहर की सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव हो गया। गलियों में कीचड़ भर गया, जबकि धान की फसल के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हुई और खेतों में पर्याप्त पानी भर गया। रोहनिया में बिजली के तार पर पेड़ गिर गया।
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वाराणसी में बारिश के बाद जलभराव के बीच निकलतीं महिलाएं
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महमूरगंज, जैतपुरा के आजाद पार्क, चांदपुर, बीएचयू, लंका और सामनेघाट क्षेत्रों में करीब एक फीट तक पानी भर गया। वहीं डीआरएम कार्यालय, कैंट रेलवे स्टेशन, बरेका, रथयात्रा, कमच्छा, अंधरापुल और लक्सा क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति रही। हालांकि, गोदौलिया और गिरजाघर की सड़कों पर पानी नहीं जमा।
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वाराणसी में बारिश के बाद जलभराव के बीच निकलतीं गाड़ी
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सामान्य से 2.5 डिग्री कम रहा पारा
बुधवार को सुबह 10 बजे तक तेज धूप रही। इसके बाद अचानक 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने लगी। करीब आधे घंटे में घने बादल छा गए और मौसम सुहाना हो गया। लगभग पौने 11 बजे तेज बारिश शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद बारिश की तीव्रता कम हुई, लेकिन बूंदाबांदी जारी रही। बारिश के चलते अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के बराबर था। पूरे दिन और देर रात तक मौसम में बारिश जैसे हालात बने रहे।
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वाराणसी में बारिश के बाद जलभराव
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सुल्तानपुर-गया से होकर गुजर रही है मानसून की द्रोणी
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति में है। यह राजस्थान के श्रीगंगानगर, हरियाणा के रोहतक, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और सुल्तानपुर, बिहार के गया तथा पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा होते हुए मिजोरम की ओर गुजर रही है। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मजबूत मानसूनी प्रवाह के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।