प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे से तीन दिन पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज जौनपुर में रैली कर जबरदस्त हमला बोला। नोटबंदी का फैसला और उसके बाद उपजे हालात को लेकर भाजपा सरकार को कठघड़े में खड़ा किया। उन्होंने एक के बाद एक सवालों की झड़ी लगा दी। नोटबंदी का अर्थ और मतलब भी समझाया। प्रधानमंत्री मोदी को अमीरों का मददगार बताया। नोटबंदी का फैसला एकदम से बेकार बताया। आगे की स्लाड्स में देखें क्या क्या बोले राहुल गांधी...
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज ग्राउंड में जनाक्रोश रैली में को सबोंधित करते हुए राहुल पूरे आक्रोश में दिखे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्वांचल में राहुल गांधी खूब गरजे। उन्होंने कहा कि अपने साथ सांठगांठ वाले अमीरों का कर्जा माफ करने के लिए पीएम मोदी ने नया तरीका अपनाया। और यह तरीका है नोट बंदी।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला
राहुल ने नोट बंदी का मतलब बताया, गरीबों से खींचों और अमीरों को सींचो। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने देश के 99 फीसदी गरीब और ईमानदार लोगों से पैसा छीना और बैंक में डलवाया। आनेवाले समय में नरेंद्र मोदी जी आपके पैसे से अमीरों का करोड़ों रुपये का कर्जा माफ करेंगे। यही है नोटबंदी।
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राहुल ने कहा, नोटबंदी का फैसला गरीबों के खिलाफ
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राहुल गांधी ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं, निर्णय ठीक था बस टाइमिंग खराब थी। मैं ये कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी जी प्लानिंग खराब नहीं है। प्लानिंग जबरदस्त थी। मोदी जी का लक्ष्य था की देश के 99 फीसदी लोगों का पैसा ज्यादा से ज्यादा बैंक में रहे। छह से आठ माह तक यह पैसा बैंक में रहे। अगर यह पैसा बैंक में ज्यादा दिन तक रहेगा तभी इस पैसे का प्रयोग कर्जा माफ करने में किया जा सकता है।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष
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कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इसके बाद पीएम मोदी का स्टाइल अपनाया, सवाल पूछने वाला। उन्होंने रुपये निकालने की लिमिट , दो हजार रुपये का नोट और सरकार द्वारा बार बार नियमों में किए गए बदलाव को लेकर जनता के सामने सवाल दागा। राहुल गाधी ने कहा कि 8 नवंबर का फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि गरीबों के खिलाफ है।