60 फीट चौड़ी झील में फुहारों के बीच रंग-बिरंगे झूले पर राधा-कृष्ण की जलविहार की झांकी हर किसी के लिए आकर्षक का केंद्र बनी रही। कबूतर, बगुला और हंस झील में विचरण करते नजर आए। हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए मंदिर के परिक्रमा पथ पर 300 बर्फ की सिल्लियां और फर्श पर गुलाब की पंखुड़ी बिछाई गई थीं।
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राधा-कृष्ण की जलविहार की झांकी
- फोटो : रोहित सोनकर
मंदिर परिसर में चारों तरफ हरियाली के बीच फुहारों और झरनों के नीचे 12 ज्योतिर्लिंग विराजमान थे। श्रद्धालु भजनों की फुहार में भीगते रहे।
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राधा-कृष्ण की जलविहार की झांकी
- फोटो : रोहित सोनकर
त्रिदेव मंदिर में रविवार को वृंदावन के मोहक फूल बंगले के बीच विशाल झील में राधा कृष्ण के जल विहार की झांकी सजाई गई। हिम शिवलिंग के साथ फूलों से बने झूले पर राधा-कृष्ण की झांकी निहारने के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
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राधा-कृष्ण की जलविहार की झांकी
- फोटो : रोहित सोनकर
राणी सती के अलावा सालासर हनुमान और खाटू वाले श्याम प्रभु के शृंगार के दर्शन के साथ त्रिदेवों को छप्पन भोग अर्पित किया गया। कोलकाता से आए कुशल मालियों ने तरह-तरह के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया।
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राधा-कृष्ण की जलविहार की झांकी
- फोटो : रोहित सोनकर
त्रिदेव मंदिर राणी सती श्याम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष भरत सराफ मंत्री, राधे गोविंद केजरीवाल ने संयुक्त रूप से तीनों विग्रहों की पूजा की। कामिनी की पत्ती रजनीगंधा ऑर्किड, गुलाब की पंखुड़ियों से बनी गुफा देखने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। वृंदावन का फूल बंगला लुभावना था। इस दौरान अनूप सराफ, पवन अग्रवाल एमपी, सुरेश तुलस्यान, अनिल सराफ, राम बूबना, विजय मोदी, सज्जन सिंघी और त्रिदेव मंदिर सेवक परिवार के सभी सदस्यों ने संयोजन किया।