कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव प्रचार के लिए राहुल के ही नक्श-ए-कदम अपनाए हैं। जैसे राहुल गांधी ने ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ का रास्ता अपनाया है, उसी तरह से प्रियंका गांधी का पूर्वांचल दौरा भी मंदिरों और मजारों से होता हुआ गुजर रहा है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
18 मार्च को प्रियंका गांधी ने अपने पैतृक शहर प्रयागराज के संगम से पूर्वी यूपी में चुनाव प्रचार का शंखनाद किया। उन्होंने अपने परनाना पं. जवाहर लाल नेहरू और अपनी दादी इंदिरा गांधी के वचन ‘भारत की आत्मा गांव में बसती है’ को आत्मसात किया है। यही कारण है कि प्रियंका गांधी भारत की आत्मा को छूने के लिए पूर्वी यूपी में गांव-गांव घूम कर कांग्रेस के लिए जमीन तैयार कर रही हैं।
अगर बात करें ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की तो कांग्रेस के ट्विटर पर हैशटैग कर के एक पंच लाइन चल रही है- गंगा सहारे आपके द्वारे। ये सुनने में बिल्कुल वैसा ही लग रहा है जैसे लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी ने कहा था ‘मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ इसके अलावा प्रियंका गांधी ने ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ को अपनाते हुए मुस्लिम सामज के वोटरों को भी साधने की कोशिश की।
प्रियंका गांधी ने मंदिरों में मत्था टेकने के साथ-साथ मजार पर भी चादर चढ़ाई। ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की सुगबुगाहट को भांपते हुए प्रियंका गांधी ने अपनी मिर्जापुर की जनसभा में कहा कि गंगा मां किसी का जाति-धर्म नहीं पूछती हैं। इसलिए जाति-धर्म की राजनीति से ऊपर उठिए।
वहीं, प्रियंका के दौरे में उनके गले में रुद्राक्ष की माला भी देखने को मिली। प्रयागराज से गंगा में उन्होंने गंगा जल पीया और नाव पर सवार हो कर तीन दिवसीय गंगा यात्रा शुरू की। जिससे प्रियंका गांधी को कांग्रेस जन ‘गंगा की बेटी’ कह कर प्रचारित कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रियंका गांधी जब लाल साड़ी पहन कर भदोही के सीतामढ़ी के सीता मंदिर पहुंचीं तो उनके द्वारा पूरी श्रद्धा से की गई पूजा को देख कर लोगों के बीच में अलग ही चर्चा रही। लोगों ने कहा कि बड़े घराने की बेटी होने के बावजूद प्रियंका गांधी में भारतीय सभ्यता और संस्कृति की समझ है।