द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में तिरुपति बालाजी की तर्ज पर भक्तों को लड्डू का प्रसाद मिलेगा। प्रसाद के स्वाद और गुणवत्ता पर होली से पहले तक निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास बाबा विश्वनाथ के प्रसाद पर जल्द ही अंतिम मुहर लगा सकता है। इसका जीआई पंजीकरण भी कराया जाएगा। इससे प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता बरकरार रहेगी। देवाधिदेव महादेव के प्रसाद की सामग्री का चयन करने के बाद न्यास शासन से भी सहमति लेगा।
काशी विश्वनाथ धाम में पहुंचने वाले भक्त मंदिर के काउंटर से लेकर बाबा को भोग लगा सकेंगे। ऑनलाइन ऑर्डर पर भी प्रसाद मिलेगा। दरअसल, पिछले महीने मुख्य सचिव डॉ. दुर्गा शंकर मिश्रा ने वाराणसी प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्था की समीक्षा की थी। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रसाद का सुझाव दिया था। इसके बाद से ही प्रसाद को लेकर मंथन चल रहा है।
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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की बैठक
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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बुधवार को हुई बैठक में इस पर लंबी चर्चा की गई और लड्डू के प्रसाद पर सहमति बनी है। इसके अलावा टेढ़ीनीम स्थित बाबा की भोगशाला को अतिथि गृह के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी है।
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काशी विश्वनाथ धाम।
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दरअसल, काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद महादेव की भोगशाला धाम परिसर में ही स्थापित की गई है। टेढ़ीनीम स्थित भोगशाला की जगह खाली पड़ी है। लिहाजा, इस जगह पर अतिथि गृह बनाकर आय का एक और स्रोत विकसित किया जाएगा।
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काशी विश्वनाथ धाम
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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली बनाने से पहले देशभर के सभी सरकारी सेवा नियमावली का अध्ययन कराया जाएगा। उन सभी सेवा नियमावली के बिंदु के आधार पर काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास से जुड़े पंडित, अर्चक सहित अन्य कर्मचारियों की सेवा नियमावली तैयार की जाएगी।
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तिरुपति बालाजी का लड्डू प्रसादम
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टेढ़ीनीम भोगशाला को अतिथि गृह के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मंदिर में प्रसाद के लिए कई प्रस्तावों पर विचार चल रहा है। तिरुपति बालाजी की तरह लड्डू पर न्यास की सहमति बन रही है। - डॉ. सुनील वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास