वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह जुलाई को काशी आकर दो बड़े अभियानों की शुरुआत की। जिसमें पर्यावरण एक मुख्य मुद्दा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा लालपुर स्थित दीन दयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल के मंच से जनता को पर्यावरण की रक्षा के लिए संदेश दिया था। पीएम मोदी ने जल संरक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक होने की बात कही थी। पीएम मोदी की बातों से प्रेरित हो कर काशी की एक संस्था ने जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
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जल संरक्षण का संदेश देते राजेश शुक्ला
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नमामि गंगे (गंगा विचार मंच) के सदस्य काशी के मणिकार्णिका घाट से दशाश्वमेध घाट तक नाव के जरिए गंगा जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। माइक और लाउडस्पीकर से लोगों को गंगा और घाटों की स्वच्छता के लिए संदेश दे रहे हैं। गंगा को प्रदूषित करने वाली सामग्रियों को नदी में विसर्जित न करने की अपील भी कर रहे हैं।
नमामि गंगे के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा भारत की जीवनधारा है। यह केवल नदी ही नहीं, भारत की आस्था, संस्कृति, परंपरा और सभ्यता की प्रेरणा है। विशाल जल राशि समेटे गंगा भारत की शाश्वत पहचान, आजीविका का माध्यम है। हमारा यही मानना है कि गंगा प्रदूषण मुक्त और शुद्ध रहे, सदियों तक अविरल बहती रहे।
राजेश शुक्ला ने बताया कि जल संरक्षण के लिए गंगा किनारे के 5 राज्यों के सैकड़ों नगरों और उद्योगों को भी एक साथ जुटना होगा। वैज्ञानिक, भूगर्भशास्त्री, सलाहकार, नीति निर्माता, पर्यावरणविद्, गैर सरकारी संगठन, विशेषज्ञ, धार्मिक प्रमुख, साधु संत, गंगा के किनारे आजीविका चलाने वाले मछली पालक, नाविक, किसान के योगदान से ही प्रदूषण मुक्त अविरल गंगा का सपना साकार होगा।
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पीएम मोदी से मिलते राजेश शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि, 6 जुलाई को पीएम मोदी ने हरहुआ के आनंद कानन में 5 पर्यावरणविद् के साथ पौधरोपण किया था। उन पर्यावरणविदों में राजेश शुक्ला शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने राजेश शुक्ला से मुलाकात की थी और नमामि गंगे में सहयोग को लेकर भी उनकी प्रशंसा की थी।