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UP: रक्षाबंधन से पहले बहनों पर टूटा दुखों का पहाड़, जिन भाइयों की कलाई पर बांधती थीं राखी; उनकी मौत से कोहराम

Thu, 17 Jul 2025 02:27 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 17 Jul 2025 02:27 PM IST
सार

वाराणसी जिले में दो भाइयों की मौत से पांच बहनों पर दूखों का पहाड़ टूट पड़ा। चाचा का कोई बेटा न होने के कारण चार चचेरी व एक सगी बहन दोनों भाइयों की कलाई पर राखी बांधती थीं, लेकिन घटना ने दोनों भाइयों को छीन लिया। 

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painful story of sisters due to death of two brothers before Rakshabandhan 2025 in varanasi
रोते- बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी जिले में दीवार गिरने से दो भाइयों की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। बुधवार की घटना को लेकर गुरुवार को भी घर में मातम पसरा रहा। घरवालों का रो- रोकर बुरा हाल है। आदित्य और अंकित की चार चचेरी और एक सगी बहन राखी की तैयारियां कर रही थीं।



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रोते- बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
चाचा का कोई लड़का नहीं था, इसलिए चारों इन्हीं दोनों भाइयों को राखी बांधती थीं। इस बार घर में राखी तो नहीं मनाई जाएगी, लेकिन अब से हर साल घर में 10 राखियां कम खरीदी जाएंगी, क्योंकि दो भाई अब साथ नहीं होंगे। पिछले साल 20 राखियां खरीदी गईं थीं।

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मृतक आदित्य की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
डाकिया बनकर एसएससी की तैयारी कर रहा था आदित्य
बुधवार को चोलापुर के भैठौली गांव में कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर आदित्य और अंकित की मौत हो गई। बड़ा बेटा आदित्य पोस्टमैन था। साथ ही एसएससी की तैयारी भी कर रहा था। अंकित 11वीं का छात्र था।
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रोते- बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बेटों की मौत से बेसुध हुई मां
डाक विभाग में पोस्ट मास्टर पिता संतोष कुमार ने बताया कि दोपहर में दोनों के शवों के पोस्टमार्टम के बाद सरायमोहना में गंगा किनारे अंत्येष्टि की। बेटों की मौत की खबर सुनकर मां बेसुध हो गईं। वह कुछ बोलने की हालत में नहीं है। संतोष ने बताया कि दोनों बेटे खाली समय में खेती-किसानी करते थे। दोनों बेटे सरकारी नौकरी करना चाहते थे, लेकिन दुर्भाग्य ने उनकी जिंदगी उजाड़ दी।
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मृतक अंदित का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
घर का काम पूरा कर जाते थे पढ़ाई करने
दुर्घटना स्थल, घर और शवदाह स्थल तक गांव के लोग बातचीत करते रहे कि दोनों की गिनती होनहार युवाओं में होती थी। घर का काम निपटाकर पढ़ाई करने जाते थे। साथ ही वे बड़े मेहनती भी थे। गलत आदतें तो कभी भी नहीं लगी। दोनों का जाना केवल एक घर की नहीं पूरे गांव की क्षति है।
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