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बीएचयू अस्पताल में फिर लापरवाही: 16 दिन के बच्चे को नहीं मिला बेड, डेढ़ घंटे तक देखने नहीं आए डॉक्टर, एंबुलेंस में तड़प कर मौत

Fri, 04 Jun 2021 03:31 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 04 Jun 2021 03:31 PM IST
सार


ऐसा आपने कई बार सुना होगा कि डॉक्टर्स भगवान का दूसरा रूप होते हैं। लेकिन कई बार उनसे हुई लापरवाही मरीजों की जान पर बन आती ही। वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में 15 दिन के अंदर दूसरी बार ऐसी ही घटना घटी है। यहां बीते दिन एक 16 साल की बच्चे की मौत इसलिए हो गयी क्योंकि वक्त रहते उसे भर्ती नहीं किया गया। 

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Negligence again in BHU hospital varanasi 16 day old baby did not get bed doctors did not come to see he died in ambulance
इमरजेेंसी में पहुंचे परिजनों का आरोप, एंबुलेंस में तड़पता रहा बच्चा, - फोटो : अमर उजाला

ऐसा आपने कई बार सुना होगा कि डॉक्टर्स भगवान का दूसरा रूप होते हैं। लेकिन कई बार उनसे हुई लापरवाही मरीजों की जान पर बन आती ही। वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में 15 दिन के अंदर दूसरी बार ऐसी ही घटना घटी है। यहां बीते दिन एक 16 साल की बच्चे की मौत इसलिए हो गयी क्योंकि वक्त रहते उसे भर्ती नहीं किया गया। बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विभाग में बृहस्पतिवार को एक बार फिर लापरवाही देखने को मिली। बीते दिन शाम करीब चार बजे 16 दिन के एक बच्चे को एंबुलेंस से लेकर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि पर्चा जमा करने के बाद भी डॉक्टर ने डेढ़ घंटे तक बच्चे को ना ही भर्ती किया और ना ही कोई देखने पहुंचा।



काफी मिन्नत के बाद चेक करने आए डॉक्टर ने एंबुलेंस में इलाज शुरू किया, उसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। इससे पहले पिछले सप्ताह रविवार को दस दिन के बच्चे के इलाज में लापरवाही की बात आई थी और उसकी जांच अभी चल ही रही है।  बच्चे के परिजनों ने बताया कि बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी पर पहुंचे तो बताया गया कि इलाज इमरजेंसी में प्रथम तल पर बाल रोग विभाग में होगा। पिता आलोक श्रीवास्तव बाल रोग विभाग में गए और वहां तैनात डॉक्टर को बच्चे के एंबुलेंस में होने और सांस लेने में तकलीफ होने की जानकारी देने के बाद तत्काल इलाज शुरू करने की मिन्नतें कीं। 

Negligence again in BHU hospital varanasi 16 day old baby did not get bed doctors did not come to see he died in ambulance
बाल रोग विभाग में पर्चा तो जमा कर लिया लेकिन नहीं कर सके भर्ती का फैसला - फोटो : अमर उजाला
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बीएचयू अस्पताल का कटा पर्चा जमा तो कर लिया लेकिन बच्चे को वार्ड में भर्ती के लिए ले आने के बारे में पूछे जाने पर वेंटीलेंटर वाले बेड के बारे में जानकारी करने के बाद बताने की बात कही। इस दौरान डेढ़ घंटे तक बच्चा इलाज के अभाव में एंबुलेंस में तड़पता रहा। डेढ़ घंटे बाद किसी तरह डॉक्टर एंबुलेंस तक आए और बच्चे को देखना शुरू किया, उस समय उसकी धड़कन तेज चल रही थी। इलाज के दौरान एंबुलेंस में ही उसकी मौत हो गई। 
 
Negligence again in BHU hospital varanasi 16 day old baby did not get bed doctors did not come to see he died in ambulance
- फोटो : Instagram
बच्चे के पिता ने बताया कि एक निजी अस्पताल से रेफर होने के बाद बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में बच्चे को लेकर पहुंचे थे। क्रिटिकल केयर एंबुलेंस में बच्चा जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा। डॉक्टरों से कई बार कहने के बाद भी बच्चे का इलाज समय से नहीं शुरू हो सका। मेरे लाल की एंबुलेंस में ही तड़प कर मौत हो गई। वह बार-बार यहीं कहते रहे कि अगर समय से बेटे को भर्ती करने का फैसला डॉक्टर ले लिए होते तो जान बच जाती। 
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Negligence again in BHU hospital varanasi 16 day old baby did not get bed doctors did not come to see he died in ambulance
भर्ती में नहीं होगी परेशानी इसलिए पहले कटा लिया था पर्चा - फोटो : अमर उजाला
16  दिन के बच्चे को बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी आने के बाद तुरंत भर्ती मिल जाएगी, यह सोचकर परिजनों ने बीएचयू पहुंचने से पहले ही  इमरजेंसी का पर्चा कटा लिया था। लेकिन उनकी ये कोशिश बेकार साबित हुई। 
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बीएचयू का सर सुंदरलाल अस्पताल - फोटो : amar ujala

बाल रोग विभाग के  विभागाध्यक्ष प्रो. राजनीति प्रसाद ने कहा कि अस्पताल की इमरजेंसी के बाल रोग विभाग में तैनात रेजिडेंट सहित अन्य लोगों को पहले ही यहां आने वाले बच्चों को तुरंत भर्ती करने का निर्देश दिया गया है। एनआईसीयू, पीआईसीयू आदि के बारे में भी तुरंत जानकारी देने को कहा गया है। बावजूद इसके किस परिस्थिति में यह लापरवाही की गई, इस पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से जवाब मांगा जाएगा।
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