फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मोदी सरकार के तीन साल : काशी से क्योटो की ओर बढ़ता प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र

Thu, 18 May 2017 01:53 PM IST
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल
amarujala.com- Written by: शैलेश कुमार शुक्ल Updated Thu, 18 May 2017 01:53 PM IST
विज्ञापन
Modi government 3 years : Parliamentary constituency of Prime Minister moving from Kashi to Kyoto
pm modi varanasi - फोटो : अमर उजाला

तीन साल पहले विकास के नारे का जयघोष कर सोमनाथ की धरती से से बाबा विश्वनाथ की धरती आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब इस प्राचीनतम शहर के दिल में बस गए हैं। इतने सालों में पीएम मोदी ने जितना प्यार काशी से किया, उतना ही प्यार यहां की जनता ने उन्हें दिया। इसका उदाहरण विधानसभा चुनाव रहे। आगे की स्लाइड में जानते हैं मोदी के आने के बाद काशी में क्या बदला...

Modi government 3 years : Parliamentary constituency of Prime Minister moving from Kashi to Kyoto
shinjo abe pm modi - फोटो : अमर उजाला

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने बनारस में कहा था, वह इस शहर को ऐसी स्मार्ट सिटी बनाना चाहते हैं जिससे इस शहर मूल स्वरुप प्रभावित न हो। इसीलिए पीएम मोदी ने काशी के विकास के लिए जापान सरकार से सहयोग मांगा। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे काशी आए। अब बनारस का जापान के प्राचीन शहर क्योटो की तर्ज पर विकास किया जा रहा है।

Modi government 3 years : Parliamentary constituency of Prime Minister moving from Kashi to Kyoto
town hall varanasi - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी और इसके आसपास के पूर्वांचल के इलाकों के विकास के लिए करीब 24 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। केंद्र और अब राज्य सरकार की कोशिश वाराणसी को पूर्वांचल के विकास का केंद्र बनाने की है। बनारस में ह्दय समेत कई योजनाओं के जरिये यहां की धरोहरों, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्द्धन का काम तेजी से चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Modi government 3 years : Parliamentary constituency of Prime Minister moving from Kashi to Kyoto
assi ghat - फोटो : social media

तीन साल में बनारस देश के सबसे गंदे शहरों में से आगे बढ़कर अब यूपी का सबसे स्वच्छ शहर बन गया है। ताजा रैंकिंग में बनारस को 32वीं रैंकिंग मिली है। शहर की सफाई व्यवस्‍था को सुधारने के लिए हर साल 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। घर-घर से कूड़ा उठाया जा रहा है। करसड़ा प्लांट भी चालू हो गया है। बनारस की पहचान घाटों को संवारने के लिए करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। घाट पहले से काफी साफ हो गए हैं।

विज्ञापन
Modi government 3 years : Parliamentary constituency of Prime Minister moving from Kashi to Kyoto
multi modal terminal - फोटो : अमर उजाला

गंगा में इलाहाबाद से हल्दिया के बीच शुरू होने वाली जल परिवहन की योजना में काशी को कार्गो हब के रुप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल बन रहा है और अब इसे कार्गो हब के रूप में विस्तार दिया जाएगा। इसके तहत इस टर्मिनल में कार्गो के अलावा कोल्ड स्टोरेज, बेवरेज हाउस और पैकिंग आदि की भी सुविधा मिल सकेगी। कार्गो हब बनने के बाद देश के कोने-कोने से हर तरह के उत्पाद सड़क, रेल और जल मार्ग से वाराणसी पहुंचेंगे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed