मऊ जिले के सदर विधायक मुख्तार अंसारी का मेराज इतना करीबी था कि जिस रंग की गाडियां मुख्तार के पास होती थी, उसी रंग की गाडियों से मेराज भी चलता था। यही नहीं, गाडियों का नंबर भी मुख्तार अंसारी की तरह ही 786 नंबर हुआ करता था। वर्ष 2002-2003 के दौरान मुख्तार अंसारी का जब भी बनारस में आगमन होता था तो मेराज की दो लाल सफारी 786 नंबर के साथ मुख्तार के काफिलें में शामिल रहती थी। उस समय से अब तक मुख्तार के संरक्षण में मेराज ने कई ऐसे काम और नाम किए कि सियासी रसूख वाले भी पैरवी के लिए मेराज के यहां मनुहार करते थे। मेराज और मुख्तार को नजदीक से जानने वाले बताते हैं कि लाल सफारी उस समय सड़कों पर निकलती थी तो रास्ता खाली कर दिया जाता था, कितना भी जाम हो एक झटके में खत्म हो जाया करता था। देखें अगली स्लाइड्स...।
गैंगवार में हत्या: मुख्तार के स्वागत में शामिल होती थी मेराज की 786 नंबर की लाल सफारी, कुछ ऐसी थी नजदीकियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 15 May 2021 09:12 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन