बीएचयू में किताबी ज्ञान के साथ ही खेती, किसानी, चिकित्सा, पशुपालन आदि की दिशा में भी कदम आगे बढ़ता जा रहा है। डेयरी विभाग की ओर से लोगों की जरूरत के हिसाब से खाद्य सामग्रियों को भी तैयार कराया जा रहा है। इसकी शुरुआत महामना प्रसादम से की गई है। डेयरी विभाग की ओर से लाल पेड़ा तैयार कराया गया है।
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बीएचयू विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
पहले चरण में इसको बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को महामना प्रसादम के रूप में काउंटर से बिक्री की जाएगी। डेयरी विभाग के तहत इस समय 400 से अधिक गायों को रखा गया है। इसमें 60 से अधिक गायों के दूध का इस्तेमाल किया जाता है। इससे निकलने वाले दूध के इस्तेमाल से अलग-अलग खाद्य सामग्री तैयार कराई जा रही है।
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महामना प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
अब दूर दराज से विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आने वालों के लिए लाल पेड़ा भी तैयार कराया जा रहा है। शिक्षकों और छात्रों के संयुक्त प्रयास से लाल पेड़ा तैयार हो गया है। खास बात यह है कि इसे महामना प्रसादम नाम दिया गया है।
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बीएचयू विश्वनाथ महामना प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
पहले चरण में इसे 250 ग्राम के पैकेट में तैयार कराकर मंदिर में प्रसाद बिक्री के काउंटर पर रखवाया जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में इसे बाजार में भी लाया जाएगा। - प्रो. डीसी राय, अध्यक्ष, डेयरी विभाग
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'महामना' पंडित मदन मोहन मालवीय
20 किलो दूध में साढ़े चार किलो पेड़ा तैयार
डेयरी विभाग की ओर से 20 किलो दूध के प्रयोग से साढ़े चार किलो पेड़ा तैयार कराया गया है। एक किलो में करीब 40 पीस पेड़ा तैयार हो रहा है। आने वाले दिनों में लोगों की जरूरत के हिसाब से इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। पेड़ा के बाद आइसक्रीम भी बनाने की तैयारी चल रही है। गर्मी के मौसम में लोगों को आइसक्रीम भी मुहैया कराई जाएगी।