न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 24 Jul 2022 09:36 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
25 किलो चांदी का पलंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जटाजूट, भूतभावन, राजराजेश्वर काशीपुराधिपति का रजत पलंग करीब 15 वर्ष बाद बदलने जा रहा है। बाबा विश्वनाथ शयन आरती के बाद इसी नए रजत पलंग पर ही रात्रि विश्राम करेंगे। यह नया पलंग 25 किलो चांदी से बना है। इसे एक दक्षिण भारतीय श्रद्धालु ने दान किया है। बाबा विश्वनाथ को भोग अर्पित करने वाली संस्था श्री काशी नाटकोट्टई नगर क्षतत्रम मैनेजिंग सोसाइटी की ओर से रविवार को बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।
फिर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन को चांदी का नया पलंग सौंप दिया जाएगा। फिलहाल यह पलंग सिगरा स्थित नाटकोट्टई नगर क्षतत्रम मैनेजिंग सोसाइटी के नंदवनम परिसर में रखा गया है। नंदवनम परिसर में तीन दिवसीय महारुद्र यज्ञ चल रहा है। रविवार को अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। इस आयोजन में दक्षिण भारत के 500 से अधिक श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे हैं। यज्ञ संपन्न होने के बाद कलश में रखे गंगाजल से श्री काशी विश्वनाथ बाबा का जलाभिषेक किया जाएगा। नीचे की स्लाइड्स में देखें...
पढ़ेंःSawan Special: शिव की नगरी काशी में विराजते हैं पाकिस्तानी महादेव, जानिए कैसे पड़ा मंदिर का ये नाम?
2 of 6
25 किलो चांदी का पलंग
- फोटो : अमर उजाला
फिर तमिलनाडु के मदुरै जिले के एएन सुब्बैह द्वारा श्री काशी विश्वनाथ बाबा को लगभग 25 किलो चांदी से तैयार रजत पलंग अर्पित की जाएगी। गौरतलब है कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में देश-दुनिया के भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
3 of 6
25 किलो चांदी का पलंग
- फोटो : अमर उजाला
बाबा के धाम आ रहे श्रद्धालु अपनी-अपनी क्षमता के मुताबिक दान भी दे रहे हैं। इसी काराण अब तक के इतिहास में इस वित्तीय वर्ष में रिकार्ड चढ़ावा मंदिर में चढ़ा है। यही नहीं, पिछले दिनों गुप्त दान में मिले करीब 60 किलो सोने से मंदिर के गर्भगृह और बाहरी दीवारों को स्वर्ण मंडित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
25 किलो चांदी से बना पलंग
- फोटो : अमर उजाला
बाबा के धाम में आने वाला हर भक्त बाबा के स्वर्णिम मंदिर की आभा देखकर अभिभूत है। स्वजमीन से आठ फीट की ऊंचाई तक सोना लगाया गया है। इसके बाद शिखर से लेकर चौखट तक पूरी तरह से स्वर्णमयी हो गया है। दक्षिण भारतीय शिव भक्त से दान में मिले सोने से मंदिर के गर्भगृह की भीतरी दीवारों को तो स्वर्ण मंडित किया गया था।
विज्ञापन
5 of 6
सोसाइटी की जमीन से हटाया गया था अवैध कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
श्री काशी नाटकोट्टई नगर क्षतत्रम मैनेजिंग सोसाइटी द्वारा बाबा विश्वनाथ को 209 वर्षों से भोग प्रसाद अनवरत चढ़ाया जा रहा है। सोसाइटी की करीब 250 करोड़ की जमीन को पुलिस ने बीते मई माह में मुक्त कराया था। इस जमीन पर शिव मंदिर और फूलों का बाग है। वर्ष 2003 में अवैध एग्रीमेंट के जरिए दबंगों ने सोसायटी की इस जमीन पर कब्जा कर लिया था।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।