अस्सी का किनारा, सूफी गीत, तेज धुन, झूमती युवाओं की टोली... हर गीत पर तालियों की गड़गड़ाहट। जैसे ही साधो द बैंड का समय पूरा हुआ पूरा मुक्ताकाशीय मंच वंस मोर, वंस मोर... से गूंज उठा। समय पूरा हो चुका था लेकिन सुनने वालों का मन नहीं भरा था। दर्शकों की चाहत का आलम यह था कि महज 20 मिनट के समय को 45 मिनट करना पड़ा। काशी गंगा महोत्सव की दूसरी शाम शास्त्रीय संगीत से शुरू होकर सूफी गीतों तक पहुंची।
काशी गंगा महोत्सव की तस्वीरें: सूफी गीत, तेज धुन, झूमती युवाओं की टोली... तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा घाट
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:02 AM IST
सार
Kashi Ganga Mahotsav: काशी गंगा महोत्सव की दूसरी संध्या में गायन, वादन और नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। इस दौरान सूफी गीत, तेज धुन पर युवाओं की टोली झूमती रहीं।
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