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PHOTO : यास्मिन ने कथक, हिमांशी ने कुचिपुड़ी से की शिव वंदना; चित्रों में देखें काशी गंगा महोत्सव की झलक

Wed, 13 Nov 2024 02:44 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 13 Nov 2024 02:44 PM IST
सार

Varanasi News : काशी के अस्सी घाट पर गंगा महोत्सव की प्रथम निशा पर दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया। कलाकारों के मंचन से उनकों कार्यक्रम से बांधे रखा। एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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PHOTO Yasmin performed Shiv Vandana Kathak and Himanshi with Kuchipudi Kashi Ganga Mahotsav begins
गंगा महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला

ख्याल गायकी के प्रख्यात कलाकार पं. साजन मिश्र के सधे सुरों से गंगातट पर काशी गंगा महोत्सव का आगाज हुआ। उन्होंने गंगा के समानांतर सुरसरि को प्रवाहमान किया। सुधिजनों को कभी प्रभु श्रीराम की कृपा तो कभी भगवान श्रीकृष्ण प्रेम का रसपान कराया। डाॅ. यास्मिन सिंह ने कथक और हिमांशी कतराड्डा ने कुचिपुड़ी नृत्य से शिव की वंदना की। 



अस्सी घाट पर चार दिवसीय गंगा महोत्सव का शुभारंभ राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, सीडीओ हिमांशु नागपाल, उपनिदेशक पर्यटन आरके रावत ने किया। इसके बाद संगीत संध्या का विधिवत शुभारंभ बनारस घराने के शास्त्रीय गायक पं. साजन मिश्र के गायन से हुआ। 

उन्होंने अपने पुत्र स्वरांश मिश्र के साथ मंच संभाला तो श्रोताओं ने हर हर महादेव... के जयघोष से उनका अभिवादन किया। पं. साजन मिश्र ने भी अभिवादन स्वीकार करते हुए स्वर साधना की शुरुआत की। 

PHOTO Yasmin performed Shiv Vandana Kathak and Himanshi with Kuchipudi Kashi Ganga Mahotsav begins
मनोहारी प्रस्तुति देख दर्शक हुए मंत्रमुग्ध। - फोटो : अमर उजाला

दर्शकों ने उठाया लुत्फ
उन्होंने राग देस में बंदिश-हे काशी के बसइया... से अवतारणा की। फिर पिता-पुत्र ने राग पीलू में बंदिश-अब कृपा करो श्रीराम... से प्रभु से गुहार लगाई। इस बीच पं. स्वरांश मिश्र ने अपनी काव्य रचना- हाथ कपाल गले मुंड की माला... सुनाकर विभोर किया। अंत में राग नट भैरव में भजन-चलो मन वृंदावन की ओर... सुनाकर घाट की सीढि़यों पर बैठे सुधिजनों को कृष्ण भक्ति में डूबो दिया। 

इनके बाद दिल्ली की डॉ. यास्मिन सिंह ने सहयोगी कलाकारों के साथ कथक की प्रस्तुति दी। उन्होंने लखनऊ घराने के कथक के साथ भगवान शिव की नृत्यांजलि पेश की। अर्धनारीश्वर से शिव की वंदना की। राज तक्षयज्ञ में मां पार्वती के बिना आमंत्रण के पहुंचने के भाव को कथक पर सजाया। मां काली के असुरों के विनाश व माता सीता की शक्ति को भी मंच से विस्तार दिया। ध्रुपद में शिव शिव... पर भाव नृत्य से समापन किया। 

बीएचयू संगीत विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुप्रिया शाह ने सितार पर राग बागेश्री में अलापचारी के बाद मध्यलय व द्रुतलय के बाद झाला से समापन किया। हैदराबाद की हिमांगी कतराड्डा ने अनिश्रृता रेड्डी के साथ कुचिपुड़ी से भगवान शिव की वंदना की। उन्होंने नटराज से आराधना के बाद शिवाष्टकम्, शिव तांडव की प्रस्तुति की। देर रात तक चले महोत्सव में आराधना सिंह, विपुल व शिवशंकर विश्वकर्मा के भजन व लोक गायन, पारसनाथ यादव के बिरहा, तरुण सिंह व पूजा राय गायन से हाजिरी लगाई।

PHOTO Yasmin performed Shiv Vandana Kathak and Himanshi with Kuchipudi Kashi Ganga Mahotsav begins
गंगा महोत्सव में सहयोगियों के साथ कथक करतीं डॉ. यास्मिन सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विदेशों तक पहुंचा शास्त्रीय रसबैंड 
काशी रसबैंड विदेशों तक पहुंच गया है। पं. अंशुमान महाराज ने बताया कि शास्त्रीय संगीत को रसबैंड के रूप में ढालकर श्रोताओं को अलग अनुभूति करा रहे हैं। लखनऊ, आगरा संगीत महोत्सव के अलावा देश के अन्य प्रांतों में भी इसकी प्रस्तुति हो चुकी है। जबकि विदेशों में जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, िस्वट्जरलैंड आदि देशों में प्रस्तुति की गई है। 

काशी में संगीत साधना सौभाग्य 
डॉ. यास्मिन सिंह काशी में संगीत साधना को सौभाग्य बताया। कहा कि एकादशी के दिन कथक से भगवान शिव की आराधना करना, सपने पूरे होने जैसा है। डॉ. यास्मिन संकटमोचन संगीत समारोह, बनारसिया फैस्टिवल, सन् 2012 में गंगा महोत्सव में प्रस्तुति दे चुकी हैं। 



अंतरराष्ट्रीय ख्याति का मंच बना महोत्सव  
राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि गंगा महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच बन चुका है। लोग इसका इंतजार करते हैं। कहा कि गंगा की लहरें खुद संगीत है। वाद्य, नृत्य एवं नाट्य इन्हीं से प्रवाहमान होती हैं। गंगा मानव सभ्यता की जीवन रेखा है।
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गंगा महोत्सव में सहयोगी कलाकारों ने भी बांधा समां। - फोटो : अमर उजाला

नृत्यनाटिका से गंगा अवतरण से मोक्ष तक की गाथा
संगीत संध्या में काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के विजेताओं की प्रस्तुति हुई। विभिन्न स्कूलों विद्यार्थियों ने नृत्यनाटिका के जरिये मां गंगा की गाथा और शिव तांडव के जरिये गंगा के शुद्धीकरण का संदेश दिया। रूपक बशात का गायन, श्रीजा विश्वास का कथक, बसंत कुमार गुप्ता के भरतनाट्यम की प्रस्तुति हुई। मोक्षदायिनी गंगा की प्रस्तुति आशी ससेह, भूति केशरी, स्मृति गुप्ता, तान्या गुप्ता, तन्वी सिंह, वैष्णवी सिंह, प्रिंकी, सोनाक्षी, राजकुमार शर्मा, करमवीर सिंह आदि ने की।

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PHOTO Yasmin performed Shiv Vandana Kathak and Himanshi with Kuchipudi Kashi Ganga Mahotsav begins
दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का बढ़ाया उत्साह। - फोटो : अमर उजाला

अमेरिकी कलाकार कॉस्मिक शिवा थीम पर करेंगे नृत्य
गंगा महादेव का समापन देव दीपावली पर अमेरिकी सप्त तांडव ग्रुप कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। भगवान शिव की महिमा पर आधारित कॉस्मिक शिवा थीम पर नृत्य करेंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संगीत का आनंद उठाएंगे। नमो घाट पर आयोजित महोत्सव पर ग्रुप की निर्देश भारतवंशी अमेरिकन सुजाता विन्जामुरि ने कहा कि ग्रुप की प्रस्तुति भगवान शिव को समर्पित रहेगी। 

वह अमेरिकन शिष्यों और तीन भारतीयों के साथ प्रस्तुति होगी। इस ग्रुप की प्रवक्ता नीलम चौधरी व सुजाता विन्जामुरि ने बताया कि कॉस्मिक शिव थीम पर 35 मिनट की प्रस्तुति होगी। अमेरिका के सेंट लुइस की रहने वाली सुजाता विन्जामुरि कई सालों से अकेडमी के जरिये कुचिपुड़ी नृत्य सिखाती हैं। 5000 से अधिक उनके शिष्य हैं। 

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